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देश

मराठी सिनेमा की बड़ी उपलब्धि, ‘गोंधल’ ऑस्कर 2026 में करेगी भारत का प्रतिनिधित्व

पटना
ऑस्कर 2026 में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का चयन किया गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) की चयन समिति ने फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है। इसकी जानकारी फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया और इम्पा के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने दी।

मराठी सिनेमा के लिए बड़ा पल
‘गोंधल’ के चयन के बाद मराठी फिल्म उद्योग में उत्साह का माहौल है। अभय सिन्हा ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे मराठी सिनेमा के साथ-साथ भारतीय
फिल्म उद्योग के लिए गौरव का क्षण बताया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘गोंधल’ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा की प्रतिभा और रचनात्मकता को मजबूती से प्रस्तुत करेगी। फिल्म के ऑस्कर सफर को लेकर अब दर्शकों की नजर आगे की प्रक्रिया पर है।

14 सदस्यीय समिति ने किया चयन
ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुनने के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 14 सदस्यीय चयन समिति गठित की थी। प्रसिद्ध फिल्मकार पी. शेषाद्री इस समिति के अध्यक्ष थे।

समिति में फिल्म उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े निर्देशक, अभिनेता, निर्माता, सिनेमैटोग्राफर, संपादक और अन्य अनुभवी सदस्य शामिल थे। इसी समिति ने ऑस्कर के लिए भेजी गई फिल्मों में से ‘गोंधल’ का चयन किया।
33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’

इस वर्ष ऑस्कर की आधिकारिक प्रविष्टि के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया को कुल 33 फिल्मों की प्रविष्टियां मिली थीं। इनमें 14 हिंदी फिल्मों के अलावा अलग-अलग भारतीय भाषाओं की फिल्में भी शामिल थीं।

करीब दो घंटे की अवधि वाली मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को इन्हीं प्रविष्टियों में से चयनित किया गया। हालांकि घोषणा के दौरान फिल्म की कहानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।

गांव की पृष्ठभूमि में बुनी संगीतमय कहानी
FFI के उपाध्यक्ष निशांत उज्ज्वल ने बताया कि ‘गोंधल’ महाराष्ट्र के एक सुंदर गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित आकर्षक संगीतमय कहानी है। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी और उसकी प्रस्तुति प्रभावशाली है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि चयन समिति द्वारा भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि के रूप में चुनी गई ‘गोंधल’ देश के लिए ऑस्कर का गौरव लेकर आएगी।

ऑस्कर चयन में बिहार का भी कनेक्शन
‘गोंधल’ के ऑस्कर चयन से जुड़े इस महत्वपूर्ण मौके पर बिहार के दो लोगों की भी अहम भूमिका है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अभय सिन्हा हैं, जबकि पटना के निशांत उज्ज्वल संस्था के उपाध्यक्ष हैं।

निशांत उज्ज्वल ने फिल्म के चयन पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ‘गोंधल’ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए गौरव हासिल करेगी।

FFI की टीम में ये पदाधिकारी भी शामिल
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की टीम में धर्मेंद्र मेहरा सचिव, रवि कोटरकर सदस्य, संग्राम शिर्के कोषाध्यक्ष, टी. पी. अग्रवाल संरक्षक और हिराचंद उपाध्यक्ष के पद पर हैं।

ऑस्कर चयन समिति की अध्यक्षता पी. शेषाद्री ने की। समिति के सामने आई 33 फिल्मों में से ‘गोंधल’ का चयन अब मराठी सिनेमा के लिए एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

अब आगे क्या होगा?
भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के बाद ‘गोंधल’ का अगला पड़ाव ऑस्कर की आगे की प्रक्रिया होगी। फिल्म के चयन ने भारतीय दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

मराठी सिनेमा की यह फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा की कहानी और रचनात्मकता को सामने रखने की कोशिश करेगी। नजर इस बात पर रहेगी कि ऑस्कर की आगे की प्रक्रिया में ‘गोंधल’ कितना आगे जाती है।

 

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