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मध्यप्रदेश

बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

केंद्रीय जेल भोपाल में विशेषज्ञ ने बंदियों से संवाद कर किया मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं काउंसलिंग सत्र

भोपाल 

महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश की जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जेल विभाग एवं राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के मध्य हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के अंतर्गत 15 सितंबर 2026 को केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर से आए फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट ओम तिवारी ने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक तनाव तथा उससे जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी मानसिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास किया तथा आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग भी की।

शिविर के दौरान बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं एवं समस्याएं साझा कीं। विशेषज्ञ द्वारा उनकी बातों को समझते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया गया।

जेल विभाग द्वारा बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक सुधार एवं पुनर्वास को सुधारात्मक सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए MOU के माध्यम से विशेषज्ञता एवं परामर्श सेवाओं का लाभ जेलों में निरुद्ध बंदियों तक पहुंचाने की दिशा में यह प्रयास महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक मानेंद्र परिहार सहित जेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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