<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

‘धर्म जीवन में सुख देने के साथ मोक्ष की ओर ले जाता है’, उज्जैन में मोहन भागवत का संबोधन

उज्जैन 
रिलिजन धर्म नहीं, धर्म जीवन का अनुशासन है। किसी इच्छा की पूर्ति, भय, लोभ या प्राण बचाने के लिए भी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन धर्म नित्य रहता है।

यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कही। वे उज्जैन में ‘युवा धर्म संसद’ को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जिस भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा मनुष्य करता है, वह धर्म के पालन से प्राप्त होती है। धर्म का सेवन जीवन के सुख देने के साथ व्यक्ति को मोक्ष की ओर भी अग्रसर करता है।उन्होंने महाभारत की फलश्रुति का उल्लेख करते हुए कहा कि सुबह भारत सावित्री का स्मरण करने और उसके भाव को दिनभर जीवन में रखने से महाभारत सुनने का फल प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि आज धर्म को लेकर भ्रम का एक कारण अपनी भाषा और धर्म के वास्तविक अर्थ को भूल जाना है। पश्चिमी लोगों ने भारत में धर्म के आचरण और उससे जुड़े कर्मकांड व अनुशासन को देखा और उसे अपने यहां के ‘रिलिजन’ के समान समझ लिया। बाद में हम भी धर्म को रिलिजन कहने लगे।

वक्ता ने कुश्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कुश्ती सीखने के लिए अखाड़े में जोर-बैठक लगाना जरूरी है, वैसे ही धर्म के कर्मकांड और अनुशासन उसके अभ्यास का हिस्सा हैं। कर्मकांड धर्म का एक अंग है, पूरा धर्म नहीं। उन्होंने कहा- ‘रिलिजन धर्म नहीं है।’

1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे
गीता भवन में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित सेवाज्ञ संस्थानम् के इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल होने पहुंचे हैं। दूसरे दिन करीब 300 विद्वान, शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत उद्घाटन सत्र में, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को समापन सत्र में शामिल होंगे।

सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से सिद्धपीठ हनुमत निवास अयोध्या के पीठाधीश्वर एवं संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरणजी महाराज के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और काञ्चीपुरम् के बाद यह युवा धर्म संसद का छठा संस्करण है। अगले साल इसका आयोजन द्वारका में किया जाएगा।

देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र भी होगा
दूसरे दिन सुबह युवा धर्म संसद का विधिवत उद्घाटन होगा। कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत, आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण महाराज, संरक्षक-सेवाज्ञ संस्थानम्, प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलगुरु-केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और आशीष कुमार आशु, अध्यक्ष-सेवाज्ञ संस्थानम् शामिल होंगे। इस दौरान धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा पर व्याख्यान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना-विचार संघर्ष पर संवाद तथा देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र होगा।

व्याख्यान सत्र में प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर भी शामिल होंगे
उद्घाटन सत्र के बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक व्याख्यान सत्र आयोजित होगा। इसमें अवधेशानंद गिरि जी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा; मनोज मुंतशिर, प्रसिद्ध पटकथा लेखक एवं गीतकार; प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय; स्मृति अनंतलक्ष्मी जी, सह-संस्थापिका एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शिका, अनादि फाउंडेशन और जे. नंद कुमार जी, राष्ट्रीय संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।

25 राज्यों से 1,700 युवा कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे
सह-मीडिया प्रमुख बादल सिंह ने बताया कि युवा धर्म संसद का छठा संस्करण इस बार उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से करीब 1,700 छात्र-छात्राओं के साथ लगभग 300 विद्वान, शिक्षक और प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन को ध्यान में रखते हुए युवा धर्म संसद का आयोजन किया गया है।

इससे पहले काशी, अयोध्या, हरिद्वार, मथुरा और कांचीपुरम में इसका आयोजन हो चुका है। इन आयोजनों में करीब 7,100 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। इस बार रजिस्ट्रेशन जुलाई में शुरू हुए थे और 31 अगस्त को बंद कर दिए गए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button