<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

हर माह दो दिन लगेंगे सेवा समाधान शिविर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अधिकारियों तक को मिलेगी सुविधा

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से अधिकारी तक, सबकी सेवा संबंधी समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण

संभाग-जिला स्तर पर हर माह प्रथम एवं तृतीय बुधवार को होंगे शिविर

भोपाल 

आयुक्त महिला एवं बाल विकास संदीप जी.आर. ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। उनके निर्देशानुसार अब संभाग एवं जिला स्तर पर प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय बुधवार को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक नियमित समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

शिविरों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका से लेकर जिला स्तर के अधिकारी-कर्मचारी तक अपनी सेवा संबंधी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। नियुक्ति, समयमान वेतनमान, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति, सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन तथा अन्य देय स्वत्वों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई कर नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक प्राप्त प्रकरण का अभिलेख भी संधारित किया जाएगा, जिससे उसके निराकरण की नियमित निगरानी की जा सके।

आयुक्त संदीप जी.आर. ने कर्मचारियों को उनके अधिकारों एवं देय स्वत्वों के लिए अनावश्यक कठिनाई से बचाने के साथ ही विभागीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया है। इसी क्रम में कर्मचारियों के वेतन का भुगतान प्रत्येक माह की पहली तारीख को सुनिश्चित करने तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय के साथ विभागीय कर्मचारियों के चिकित्सा देयक, यात्रा भत्ता और अन्य स्वत्वों का समय पर भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

समस्या निवारण शिविरों की जानकारी सभी अधिकारियों-कर्मचारियों तक पहुंचाने के साथ प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा और रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। विभाग का उद्देश्य है कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान उनके निकटतम स्तर पर, पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से और निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित हो।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button