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छत्तीसगड़

खिलाड़ियों के लिए बढ़ेंगे अवसर, खेल संघों से बेहतर संवाद और समन्वय पर खेल विभाग का फोकस

रायपुर

 प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों के लिए अधिक से अधिक अवसर और मंच तैयार करने खेल एवं युवा कल्याण विभाग खेल संघों के साथ बेहतर संवाद और समन्वय पर जोर दे रहा है। खेल गतिविधियों को जिला स्तर तक विस्तार देने के साथ खेल प्रतिभाओं की खोज और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में खेल विभाग और खेल संघ कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने आज राज्य के खेल संघों के पदाधिकारियों की बैठक लेकर गतिविधियों में तेजी लाने और आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए।

राजधानी रायपुर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित बैठक में प्रदेश के 25 से अधिक प्रमुख राज्य खेल संघों के पदाधिकारी शामिल हुए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक (वित्त) श्री रवि अग्रवाल, सहायक संचालक श्री रुस्तम सारंग और खेल अधिकारी श्री गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने सभी खेल संघों को अपना वार्षिक खेल कैलेंडर अनिवार्य रूप से खेल संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों की पूर्व नियोजित जानकारी उपलब्ध होने से विभाग और संघ मिलकर प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण तथा खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय खेल संघों के चरणबद्ध पंजीयन और विभागीय मान्यता की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में बस्तर और सरगुजा संभाग के साथ दूरस्थ अनुसूचित क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। सुश्री खलखो ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को अवसर केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त मंच मिलें। इसके लिए जिला स्तर पर खेल संघों की सक्रिय भूमिका अहम है।

खेल संचालक ने वर्तमान में जारी टॉप-100 एथलीट्स में शामिल अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से संबंधित अप्राप्त जानकारी भी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुगमता के साथ खिलाड़ियों से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रखने को कहा।

खेल संघों और विभाग के बीच नियमित संवाद को संस्थागत रूप देने के लिए बैठक में संयुक्त रिव्यू समिति के गठन की घोषणा भी की गई। यह समिति खेल गतिविधियों की प्रगति, खिलाड़ियों से जुड़े विषयों और संघों की आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा करेगी। इसके अलावा खेल संस्थाओं के पंजीयन से संबंधित विषयों पर रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी कार्यालय के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में खिलाड़ियों को डोपिंग के दुष्प्रभावों और प्रतिबंधित पदार्थों के संबंध में जागरूक करने के लिए डोपिंग सेमिनार आयोजित करने पर भी सहमति बनी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खेल संघों से विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए प्रदेश में खेल गतिविधियों को व्यापक और प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। राज्य शासन की मंशा है कि खेल संघों की विशेषज्ञता और विभागीय संसाधनों को साथ लेकर प्रदेश में ऐसा मजबूत खेल तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें हर स्तर के खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रतियोगिता, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। इसके लिए खेल विभाग संघों के साथ नियमित संवाद, साझा समीक्षा और जिला स्तर तक मजबूत नेटवर्क पर जोर दे रही है।

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