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उत्तर प्रदेश

योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश की बिजली आपूर्ति सामान्य

लखनऊ

प्रदेश में विद्युत उपलब्धता को सामान्य बनाए रखने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों के साथ विद्युत आपूर्ति की समीक्षा कर फीडबैक लिया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाएं और जहां से भी बिजली उपलब्ध हो, उसका उपयोग कर आपूर्ति सामान्य रखी जाए।

अनपरा-डी, हरदुआगंज-ई और ओबरा-बी की यूनिट-10 का पुनः संचालन शुरू होने से प्रदेश की विद्युत उपलब्धता में औसतन करीब 1300 मेगावाट की वृद्धि हुई है। अगले एक-दो दिनों में एपीजीसी, सिंगरौली की यूनिट-2, टीआरएन एनर्जी की यूनिट-1, घाटमपुर की यूनिट-1 तथा जवाहरपुर की बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयां उपलब्ध हो जाने से लगभग 1,250 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि हो जाएगी।

वहीं केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के डायरेक्टर ऑपरेशन शिव एस. दास एवं उनकी टीम के साथ हुई बैठक में अगले पांच वर्षों तक गर्मी के महीनों में पावर बैंकिंग के माध्यम से 500-600 मेगावाट बिजली प्राप्त करने पर सहमति बनी है। वर्तमान में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से पावर बैंकिंग के जरिए औसतन करीब 2400 मेगावाट बिजली पीक आवर्स में प्राप्त की जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक कोयला खदान क्षेत्रों में अतिवृष्टि और जलभराव के कारण थर्मल पावर प्लांटों को पर्याप्त कोयला नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते सिंगरौली, रिहंद, खुर्जा, मेजा, लैंको, रोजा और बारा समेत कई परियोजनाओं का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे प्रदेश को औसतन 1500 से 2000 मेगावाट बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद योगी सरकार उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए प्रदेश में विद्युत आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने में जुटी है।

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