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मध्यप्रदेश

कम यात्री, बढ़ता खर्च… भोपाल मेट्रो ने घटाए फेरे, अब सामान्य दिनों में 41 ट्रिप ही होंगी

भोपाल 
राजधानी भोपाल में मेट्रो के संचालन पर हो रहे भारी खर्च और सीमित आय के दबाव के बीच मेट्रो प्रबंधन ने एक नया दांव चला है। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए 15 मिनट की फ्रीक्वेंसी पर दिनभर 62 से 70 फेरे चलाने वाले प्रबंधन ने अब घाटा बढ़ता देख चुपचाप फेरों की संख्या में बड़ी कटौती कर दी है।

13 सितंबर को जारी संशोधित समय-सारणी के मुताबिक 15 सितंबर से नान-पीक आवर्स में मेट्रो के फेरे कम कर दिए गए हैं, जिसे प्रबंधन ने आंशिक संशोधन बताकर पेश किया है। जानकारी के अनुसार सामान्य दिन सोमवार से शनिवार 21 फेरे कम किए हैं। वहीं रविवार व अवकाश के दिन 6 फेरे कम किए हैं।

खाली कोचों को दौड़ाना प्रबंधन की जेब पर पड़ रहा भारी

    जबकि वर्तमान में रोजाना 500 से 700 यात्री मेट्रो में सफर कर रहे हैं, रविवार और अवकाश के दिनों में यह आंकड़ा 1000 से 1200 तक पहुंच रहा है। हालांकि, वर्तमान खर्च और आय का स्पष्ट ब्योरा देने से प्रबंधन अब भी बच रहा है।

    सूत्रों की मानें तो मामूली इजाफे के बावजूद खाली कोचों को दौड़ाना प्रबंधन की जेब पर भारी पड़ रहा है। यही वजह है कि 17 अगस्त को सप्ताह के सभी दिनों में हर 15 मिनट की सेवा का दावा करने वाले प्रबंधन ने अब सुबह 11:30 से शाम 5:00 बजे तक फ्रीक्वेंसी को 30 मिनट कर दिया है। इससे सामान्य दिनों में दिनभर के फेरे 62 से घटकर सीधे 41 रह गए हैं।

ऐप भी नहीं हो रहा अपडेट
    एक तरफ मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर पूरा जोर दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रबंधन के अफसरों की लापरवाही देखिए कि एमपी मेट्रो का ऐप पर समय सारणी को अपडेट नहीं किया जा रहा है। लाखों रुपये खर्च करके एमपी मेट्रो का ऐप अप्रैल 2026 में लॉन्च हुआ था, लेकिन उसके बाद से लेकर अब तक ऐप को अपडेट नहीं किया गया है। ऐप पर आज भी वहीं पुराना टाइम टेबल दर्शाया जा रहा है।

    इसके चलते मेट्रो में यात्रा करने वाले यात्रियों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐप में एम्स से मेट्रो के चलने का समय 9.30 बजे दर्शया जा रहा है। जबकि एम्स से मेट्रो सुबह 11 बजे रवाना होती है। सुभाष नगर से पहली मेट्रो वर्तमान में 11.30 बजे रवाना होती है, लेकिन ऐप में समय सुबह 8.50 दर्शाया जा रहा है।

ऐसे घटाए गए फेरे
    17 अगस्त की व्यवस्था: सुबह 11:30 से रात 7:30 बजे तक हर 15 मिनट में ट्रेनें चलीं। दिनभर में कुल 62 फेरे तय थे।

    15 सितंबर की नई व्यवस्था: सुबह 11:30 से शाम 5:00 बजे तक फ्रीक्वेंसी 15 मिनट से बढ़ाकर 30 मिनट कर दी गई। इससे इस अवधि में सिर्फ 22 फेरे रह गए। शाम 5 से 7:30 बजे तक (15 मिनट के अंतराल पर) 19 फेरे चलेंगे। यानी कुल 41 फेरे ही होंगे।

    कटौती का गणित: सामान्य दिनों में सीधे 21 फेरे कम किए गए, जबकि रविवार को 70 की जगह 64 फेरे यानी 6 फेरे कम चलेंगे।

दावों के बीच फेरों का गणित
    वर्तमान राइडरशिप: रोजाना 500 से 700 यात्री, रविवार-अवकाश में 1000 से 1200 तक।
    शुरुआती ट्रेंड: पहले हफ्ते हजारों में भीड़, एक महीने बाद 150 से 300 पर सिमटी।
    सोमवार से शनिवार कटौती: 17 अगस्त को तय 62 फेरे से घटाकर अब 41 फेरे किए सीधे 21 फेरे कम।
    रविवार के फेरे: 70 फेरे से घटाकर 64 फेरे किए 6 फेरे कम।
    नया टाइम टेबल: सुबह 11:30 से शाम 5:00 बजे तक हर 30 मिनट में, शाम 5:00 से 7:30 बजे तक हर 15 मिनट में संचालन।

इनका कहना है
पहले 15 मिनट में मेट्रो एक फेरा लग रहा थी, अब 30 मिनट में मेट्रो एक फेरा लगा रही है। नया टाइम टेबल लोगों की डिमांड को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे फेरों की संख्या कम हुई है। एस कृष्ण चैतन्य, एमडी, एमपी मेट्रो

 

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