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देश

FASTag नियम सख्त: गलत लेन या बिना एक्टिव FASTag टोल पार किया तो देना होगा दोगुना शुल्क

नई दिल्ली

देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को आसान और तेज बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन व्यवस्था लागू की गई है. हालांकि, जल्दबाजी या लापरवाही में कई वाहन चालक गलत लेन में गाड़ी घुसा देते हैं. ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परिचालन दिशा निर्देशों के मुताबिक अगर कोई पैसेंजर कार ड्राइवर कमर्शियल वाहनों, ओवरसाइज़्ड ट्रांसपोर्ट्स या खास काम के लिए तय FASTag लेन में गलत तरीके से दाखिल होते हैं, तो उससे सामान्य टोल दर का दोगुना टैक्स वसूला जाएगा। 

चालान और कानूनी कार्रवाई का भी जोखिम
दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात में रुकावट और जाम जैसे हालात को रोकने के लिए NHAI ने कड़े कदम उठाए हैं. टोल प्लाजा पर लगे आधुनिक हाई-डेफिनिशन सेंसर और कैमरे वाहन के आकार व श्रेणी को खुद बखुद पहचान लेते हैं और गलत लेन में जाने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है. इसके बाद टोल बूथों के आसपास तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी मोटर वाहन अधिनियम के तहत लेन अनुशासन तोड़ने और खतरनाक ड्राइविंग के आरोप में ऑन-द-स्पॉट या ई-चालान जारी कर सकते हैं। 

हाईवे अथॉरिटी के हालिया रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हर 10 में से एक गाड़ी बिना मान्य FASTag या बिना बैलेंस के इन टोल प्वाइंट्स से गुजर रही है. बता दें कि, दिल्ली के मुंडका, गुजरात के चोरयासी, हरियाणा के घरौंडा और राजस्थान के दौलतपुरा व मनोहरपुरा टोल प्लाजा के आंकड़ों से पता चला है कि मई से जुलाई के बीच करीब 1.10 करोड़ गाड़ियों में से 10.52 लाख गाड़ियों को ई-नोटिस भेजे गए हैं. अगर आप भी अपने FASTag को समय पर रीचार्ज नहीं करते या ब्लैकलिस्टेड टैग के साथ बैरियरलेस टोल पार करते हैं तो आपकी जरा सी लापरवाही जेब पर काफी भारी पड़ सकती है। 

दोगुना पेनल्टी का है खतरा
बता दें कि, बैरियरलेस टोल प्लाजा पर अगर आपकी कार के FASTag में बैलेंस कम है या टैग काम नहीं कर रहा है तो सिस्टम तुरंत आपकी गाड़ी का चालान काटकर ई-नोटिस जारी कर देता है. यह नोटिस गाड़ी मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है. सरकारी नियमानुसार ई-नोटिस मिलने के बाद आपको सामान्य टोल टैक्स चुकाने के लिए पूरे 72 घंटे यानी 3 दिन का समय दिया जाता है। 

यदि अगर आप इस तय समयसीमा के भीतर ऑनलाइन पेमेंट नहीं करते हैं तो 72 घंटे बीतते ही यह रकम दोगुनी कर दी जाती है. यानी जो टोल आप आराम से कम पैसों में दे सकते थे उसके लिए आपको सीधा डबल जुर्माना भरना पड़ेगा। ० 

सबसे ज्यादा नियम तोड़ने का रिकॉर्ड
जानकारी के लिए आपको बता दें कि, आंकड़ों का विश्लेषण करने पर सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि टोल नियमों को तोड़ने में सबसे आगे कार और जीप वाले ही हैं. मई से जुलाई के बीच जारी हुए कुल 10.52 लाख ई-नोटिस में से 91 परसेंट से भी ज्यादा यानी 9.62 लाख नोटिस सिर्फ निजी कारों को भेजे गए हैं। 

वहीं ट्रकों और बसों जैसी भारी गाड़ियों की हिस्सेदारी इसमें केवल 3.5 परसेंट के करीब ही रही है. ज्यादातर कार चालक FASTag का लो बैलेंस नजरअंदाज कर देते हैं या विंडशील्ड पर गलत तरीके से लगा टैग लेकर निकल पड़ते हैं. दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा पर सबसे ज्यादा 4.54 लाख ई-नोटिस जारी किए गए हैं। 

ई-नोटिस न भरने पर रुक जाएंगे काम
आपको यह भी बता दें कि, कई लोग सोचते हैं कि ई-नोटिस आने के बाद भी अगर भुगतान न करें तो क्या ही फर्क पड़ेगा. लेकिन अथॉरिटी ने इस बार नियम काफी सख्त कर दिए हैं. अगर आपके नाम पर बकाया ई-नोटिस जमा नहीं होता है तो भविष्य में गाड़ी से जुड़े लगभग सभी सरकारी काम पूरी तरह ठप हो जाएंगे। 

जब भी आप अपनी गाड़ी का मालिकाना हक किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर कराने जाएंगे गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराएंगे या फिटनेस सर्टिफिकेट लेने जाएंगे तो आपको एनओसी जारी नहीं किया जाएगा. जब तक आप अपना सारा बकाया टोल जुर्माना नहीं भर देते तब तक वाहन पोर्टल पर आपकी गाड़ी के सारे काम रोक दिए जाएंगे। 

इन गलतियों की वजह से लगता है दोगुना जुर्माना

    पैसेंजर कार को ट्रकों और भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए रिजर्व लेन में ले जाना.
    FASTag वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस न होने पर ऑटोमेटिक सेंसर टैग को स्कैन नहीं करता और बैरियर नहीं खुलता, जिससे गाड़ी गलत श्रेणी में आ जाती है.
    तय प्रक्रिया के अनुसार फास्टैग को सामने की विंडशील्ड पर सही ढंग से न चिपकाने या हाथ में लेकर दिखाने पर भी दोगुना टोल लिया जा सकता है.
    केवाईसी (KYC) अधूरा होने या वाहन नंबर से सही तरीके से लिंक न होने पर टैग ब्लॉक हो जाता है.

पेनल्टी और असुविधा से बचने के लिए ये करें

    टोल प्लाजा आने से 100-200 मीटर पहले ओवरहेड इलेक्ट्रॉनिक इंडिकेटर और साइन बोर्ड को ध्यान से देखें और केवल अपनी श्रेणी वाली लेन में ही गाड़ी चलाएं.
    हाईवे पर निकलने से पहले अपने FASTag से जुड़े बैंक ऐप या वॉलेट में पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित करें.
    अपने फास्टैग स्टीकर को कार की आगे वाली कांच के ठीक बीच में अंदर की तरफ चिपकाएं.

जुर्माना से बचने के लिए करें ये काम

अगर आप भी हाईवे पर बिना किसी झंझट और जुर्माने के सफर करना चाहते हैं तो कुछ छोटी-छोटी बातों का हमेशा ध्यान रखें. सबसे पहले जब भी लंबी यात्रा पर निकलें तो  अपने FASTag वॉलेट में हमेशा पर्याप्त बैलेंस बनाकर रखें ताकि रास्ते में लो-बैलेंस की दिक्कत न हो. इसके अलावा FASTag को अपनी गाड़ी की विंडशील्ड पर बिल्कुल सही जगह और सही तरीके से चिपकाएं ताकि हाई-स्पीड एएनपीआर कैमरे उसे एक बार में ही स्कैन कर सकें। 

अगर कभी गलत टोल कट जाता है या कोई तकनीकी गड़बड़ी होती है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप 3 दिनों के भीतर संबंधित वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जांच के बाद आपका पैसा आपके FASTag में वापस क्रेडिट कर दिया जाएगा। 

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