<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
खेल-जगत

ईशान किशन का 350 रन का धमाका, ईस्ट जोन बना दलीप ट्रॉफी 2026 का चैंपियन

नई दिल्ली
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त ने ईस्ट जोन को चैम्प‍ियन बना दिया.

खास बात यह रही कि 13 साल पहले भी ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब एम ए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में जीता.  यह ईस्ट जोन का कुल म‍िलाकर तीसरा दलीप ट्रॉफी ख‍िताब है.

मैच खत्म होते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिलाए और मुकाबले का अंत हुआ. इसके बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए. कप्तान ईशान किशन और युवा वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए. पूरी टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए दर्शकों का अभिवादन किया.

ईशान किशन बने खिताबी जीत के हीरो
ईस्ट जोन की इस जीत में सबसे बड़ा चेहरा कप्तान ईशान किशन रहे. रेड बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और दलीप ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पारियों में से एक खेल दी.

ईशान ने पहली पारी में अकेले 270 रन ठोक दिए. उन्होंने इस दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 522 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि इसमें टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और जुझारूपन भी दिखाई दिया.

ईशान एक समय 250 रन पर ऐंठन (क्रैम्प्स) के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दोबारा मैदान पर लौटे और अपना स्कोर 270 रन तक पहुंचाया.

लेकिन कप्तान की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन की अहम पारी खेली. इस तरह फाइनल में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले. इसी वजह से वह मुकाबले के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे.

कुरैशी का शतक, अंत तक रहे नाबाद
दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने शानदार शतक जड़ दिया. कुरैशी का अंदाज ऐसा था जैसे वह लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हों. दबाव भरे मुकाबले में उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का तरीका खास नजर आया. उन्होंने शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे.

ईस्ट जोन की ओर से यह पारी ऐसे समय आई, जब टीम का खिताब लगभग तय हो चुका था. लेकिन कुरैशी ने अपने डेब्यू को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

सिराज ने भी दिखाया अपना जुझारूपन
ईस्ट जोन की खिताबी जीत में साउथ जोन के मोहम्मद सिराज के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था, इसके बावजूद सिराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी.

चेन्नई की थकाने वाली और मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने लगातार 9 ओवर गेंदबाजी की. मैच का नतीजा तय होने के बाद भी उनका इस तरह गेंदबाजी करना उनके फाइटिंग स्पिरिट को दिखाता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की यही खूबसूरती है. नतीजा सामने होने के बावजूद खिलाड़ी आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं.

13 साल बाद ईस्ट जोन का राज
आखिरकार ईस्ट जोन ने वह कर दिखाया जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था. टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 अपने नाम कर ली.

ईशान किशन की कप्तानी में मिली यह जीत कई मायनों में खास रही. कप्तान ने बल्ले से 350 रन बनाए, डेब्यू कर रहे कोनैन कुरैशी ने शतक जड़ा, सिराज ने आखिरी तक लड़ने का जज्बा दिखाया और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी ने भी टीम के जश्न में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button