<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

हमीदिया अस्पताल में इलाज पर संकट! स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज परेशान

भोपाल

मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स स्टाइपेंड बढ़वाने 3 दिन से सड़कों पर हैं। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है। ओपीडी सेवाएं ठप हैं।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को 12 बजे तक ओपीडी बंद कर दी गई। सीनियर डॉक्टर्स ने मरीजों को देखा। किडनी और लिवर के मरीज भटकते दिखे। हमीदिया में आज सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि बाकी दिन 40 से ज्यादा होते थे।

कमला पार्क के पास आंदोलन, रास्ते को वन-वे किया गया
भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठे हैं। प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। रास्ते को वन-वे किया गया है। पुलिस और प्रशासन डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि प्रदर्शन से आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।

इंटर्न डॉक्टर सौरभ सोनी ने बताया- जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। डॉ. शालिनी खन्ना ने बताया कि धूप और गर्मी से काफी दिक्कत हो रही है, लेकिन खाने-पीने की परेशानी नहीं है। सीनियर डॉक्टर, साथी और भोपाल के लोग भी हमारे लिए खाना भेज रहे हैं।

भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा- जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इंटर्न डॉक्टरों की मांगों को लेकर कल मेडिकल कॉलेज में विस्तृत चर्चा हुई थी। आज भी उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चल रहा है।

उन्होंने कहा- छात्रों को अपने बीच से तय प्रतिनिधियों के जरिए प्रशासन से तुरंत बातचीत करनी चाहिए। प्रदर्शन करना उनका अधिकार है, लेकिन सरकार के फैसले के बाद यह भी देखना चाहिए कि उनकी मांगों में से सरकार ने किस हद तक सहमति दी है। हर व्यक्ति के असंतुष्ट होने पर लगातार विरोध जारी रखना उचित नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button