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देश

गैस सिलेंडर बुकिंग का बदला नियम, ग्रामीणों के लिए 45 दिन की सीमा खत्म

जयपुर
 केंद्र सरकार ने राजस्थान समेत देश भर के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू एलपीजी उपभोक्ता भी शहरवासियों की तरह 25 दिनों के अंतराल पर अपना गैस सिलेंडर बुक करा सकेंगे। पहले ग्रामीण इलाकों के लिए यह सीमा 45 दिनों की तय की गई थी।

राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने दी जानकारी
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया, सरकार ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) जैसी प्रमुख तेल विपणन कंपनियों को इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी जंग और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इससे देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ गया था। ऐसे में सरकार ने घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए रिफिल बुकिंग के बीच अंतर बढ़ा दिया था। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद अगली LPG बुकिंग की अनुमति थी।

सरकार ने कई सख्त कदम उठाए
एलपीजी गैस की कमी से निपटने और आपूर्ति नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने मार्च में 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत कई सख्त कदम उठाए थे। इसी अस्थायी मांग प्रबंधन रणनीति के तहत शहरी क्षेत्रों में एलपीजी रिफिल का अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तय कर दिया गया था।

इसके अतिरिक्त सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया था कि प्रोपेन (C3) और ब्यूटेन (C4) जैसी गैसों का उपयोग प्राथमिकता से घरेलू LPG के उत्पादन में किया जाए, ताकि आम जनता को रसोई गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े।

मंत्रालय ने की समीक्षा
सोमवार यानी 7 सितंबर को पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा ओएमसी के अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया कि अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। सुरेश गोपी ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से मंत्रालय द्वारा जारी पत्र की प्रति साझा करते हुए लिखा, वर्तमान में एलपीजी आपूर्ति की बेहतर होती स्थिति और रिफिल बैकलॉग (बकाया ऑर्डर) में आई भारी कमी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने मौजूदा रिफिल बुकिंग अंतराल की समीक्षा की है। अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 25 दिनों का एक समान रिफिल बुकिंग अंतराल लागू करने का निर्णय लिया गया है।

व्यावसायिक एलपीजी पर पहले ही हट चुकी हैं पाबंदियां
घरेलू LPG की बुकिंग के नियमों में ढील देने से पहले जून में सरकार ने कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगी पाबंदियां भी हटा दी थीं। तेल कंपनियों को युद्ध से पहले जितनी मात्रा में गैर-घरेलू LPG की सप्लाई होती थी, उसे फिर से सामान्य स्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, उद्योगों का काम प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें संकट से पहले होने वाली खपत की 50% तक LPG सप्लाई की अनुमति दे दी गई थी।

वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते भारत में एलपीजी की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई थी। मार्च में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद जून में 29 रुपए की और वृद्धि हुई। आपूर्ति की स्थिति सुधरने और बुकिंग अंतराल घटने से देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब अगला सिलेंडर बुक करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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