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उत्तर प्रदेश

समावेशी शिक्षा की ओर बड़ा कदम, प्रशस्त 2.0 के तहत 2.04 लाख शिक्षकों ने पूरा किया सेन्सिटाइजेशन

प्रशस्त 2.0 से समावेशी शिक्षा को नई ताकत, 2.04 लाख शिक्षक सेन्सिटाइजेशन वीडियो देखकर हुए ऑनबोर्ड

– 2,03,823 शिक्षक प्रशस्त 2.0 से जुड़े, रामपुर में 44.38%, झांसी में 39.27% और पीलीभीत में 31.95% शिक्षक हुए ऑनबोर्ड

– लगभग 40 मिनट के 10 वीडियो से स्क्रीनिंग से पहले होगा शिक्षकों का सेन्सिटाइजेशन

– सभी बोर्डों के सरकारी, परिषदीय, प्राइवेट एडेड और प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों के शिक्षक होंगे शामिल

लखनऊ,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समावेशी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसी दिशा में प्रशस्त (PRASHAST) 2.0 के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को सेन्सिटाइजेशन वीडियो से जोड़ने का अभियान गति पकड़ रहा है। 

आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,03,823 शिक्षक प्रशस्त 2.0 पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं तथा वीडियो देख रहे हैं, इनमें रामपुर में 44.38 प्रतिशत, झांसी में 39.27 प्रतिशत, पीलीभीत में 31.95 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 28.42 प्रतिशत और बलिया में 24.74 प्रतिशत शिक्षकों की सहभागिता दर्ज हुई है। इसके अलावा फतेहपुर, मथुरा, गोंडा, सीतापुर, बरेली और बस्ती की भी अच्छी सहभागिता रही।

यह डिजिटल पहल शिक्षक को संवेदनशील, सजग और सक्षम बनाकर विद्यालयों में अधिक सहयोगी वातावरण तैयार करने तथा दिव्यांग बच्चों की समावेशी शिक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

40 मिनट में 10 वीडियो से संवेदनशीलता
प्रशस्त एप एवं पोर्टल पर लगभग 40 मिनट के कुल 10 सेन्सिटाइजेशन वीडियो उपलब्ध हैं। राज्य के सभी बोर्डों के सरकारी/परिषदीय, प्राइवेट एडेड और प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों के शिक्षकों को ये वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों में आवश्यक संवेदनशीलता और समझ विकसित करना इस प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य है।

सभी शिक्षकों को जोड़ने के निर्देश
राज्य स्तर से सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को संबंधित शिक्षकों को सेन्सिटाइजेशन वीडियो देखने के लिए निर्देशित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशस्त 2.0 के माध्यम से सरकारी और परिषदीय विद्यालयों के साथ प्राइवेट एडेड एवं प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों को भी एक समान प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। इससे बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षक स्तर पर संवेदनशीलता और समझ को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षक की समझ से बेहतर होगा बच्चों का सहयोग
योगी सरकार की शिक्षा नीति में प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता को समझकर उसके अनुरूप शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर है। प्रशस्त 2.0 इसी दृष्टिकोण को शिक्षक की क्षमता और संवेदनशीलता से जोड़ता है। सेन्सिटाइजेशन वीडियो के माध्यम से शिक्षक बच्चों को बेहतर समझने और स्क्रीनिंग प्रक्रिया को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए तैयार होंगे।

कोट:
प्रशस्त 2.0 के माध्यम से शिक्षकों को बच्चों की विविध आवश्यकताओं को समझने और उनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिल रहा है। सेन्सिटाइजेशन वीडियो के माध्यम से शिक्षक बच्चों की विशिष्ट आवश्यकताओं की स्क्रीनिंग प्रक्रिया को अधिक समझदारी और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ा सकेंगे। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यालय में समावेशी और सहयोगी वातावरण मजबूत हो।
श्रीमती मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

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