<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
फ़िल्म जगत

न स्टार, न बड़ा बजट… फिर भी ‘हनुमान अंश’ का जलवा, नेत्रहीन सुनील लोधी की आवाज ने जीता दिल

न कोई बड़ा स्टार और न ही बड़ा बजट…फिर भी बॉक्स ऑफिस पर 'हनुमान अंश' फिल्म गर्दा उड़ा रही है. फिल्म की ताबड़तोड़ कमाई ने हर किसी को हैरान कर दिया है. नीम करौली बाबा की जिंदगी पर बनी फिल्म इतिहास रच रही है. फिल्म की सादगी भरी कहानी के साथ इसके गाने भी लोगों के दिलों को छू रहे हैं. फिल्म के एक भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे' को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है.

तंबूरा बजाने वाला कैसे बना स्टार?
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस भजन को बुंदेलखंड के गांव के एक नेत्रहीन सिंगर सुनील लोधी ने गाया है. 'हनुमान अंश' में भजन गाकर सुनील की जिंदगी बदल गई है. वो स्टार बन गए हैं. उनकी हर तरफ चर्चा हो रही है. नेत्रहीन सिंगर सुनील लोधी ने यहां तक पहुंचने के लिए काफी स्ट्रगल किया है. आइए जानते हैं उनके बारे में खास बातें…

'हनुमान अंश' में 'मैंने तेरे ही भरोसे' भजन गाने वाले सुनील भले ही नेत्रहीन हैं, लेकिन उनमें टैलेंट का खजाना भरा है. सुनील लोधी का जन्म बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव में हुआ. वो एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनका परिवार खेती करके गुजारा करता है. पैदाइश के समय से ही सुनील देख नहीं पाते हैं. लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी जिंदगी में अंधेरा नहीं छाने दिया.

संगीत-भक्ति को बनाया दुनिया
पीटीसी पंजाब में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक इंटरव्यू में सुनील ने अपने बचपन और आर्थिक हालात के बारे में बात की थी. उन्होंने बताया था कि उनके माता-पिता ने उनकी आंखों की रोशनी वापस लाने के लिए उनका इलाज कराया था, लेकिन फिर भी वो ठीक नहीं हो पाए. उन्होंने यह भी बताया कि पैसों की तंगी और आंखों से न देख पाने की वजह से वो अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए.

सुनील ने फिर संगीत और भक्ति को ही अपनी दुनिया बना लिया. उन्होंने गांव की चौपालों और धार्मिक कार्यक्रमों में बुंदेली लोकगीत और भजन गाए,  जिसके साथ वो अक्सर पारंपरिक तंबूरा बजाते थे.

सोशल मीडिया ने बदली दुनिया
वो गांव के लोगों के बीच बैठकर भजन गाते थे. ट्रेनों और स्थानीए कार्यक्रमों में भी भजन गाते थे. लेकिन फिर उनकी जिंदगी साल 2019 में तब बदलनी शुरू हुई, जब उनकी मुलाकात यूट्यूबर रोहित साहू से हुई.

रिपोर्ट के मुताबिक, सुनील को गाते हुए सुनने के बाद, रोहित ने उनकी परफॉर्मेंस रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर अपलोड करना शुरू कर दिया. सुनील के बुंदेली गानों को यूट्यूब पर मिलियन में व्यूज मिलने लगे, जिसके बाद उन्हें पहचान मिलने लगी.

सुनील की जिंदगी में सबसे बड़ा ब्रेक उनके पारंपरिक हनुमान भजन 'ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान' के बाद आया. सुनील की देसी आवाज और तंबूरे की सादगी के साथ गाए गए इस भजन को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया. इसके वीडियो को मिलियंस में व्यूज मिले और लोग सिंगर को ढूंढने लगे.

कैसे मिली हनुमान अंश फिल्म?
सुनील के वायरल भजन ने आखिरकार हनुमान अंश के मेकर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इसके बाद सुनील को भक्ति गीत रिकॉर्ड करने के लिए मुंबई बुलाया गया. फिल्म में सुनील का गाना 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' को काफी पसंद किया जा रहा है. इस भक्ति गीत को गाकर वो स्टार बन गए हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button