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देश

सरकारी स्कूल को बनाया मॉडल, नवाचारों से बदली बच्चों की पढ़ाई; मुनमुन भट्टाचार्य को मिला राष्ट्रपति सम्मान

धनबाद
शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धनबाद के राजकीयकृत मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। देश के 48 चयनित शिक्षकों में शामिल मुनमुन को प्रशस्ति पत्र, शाल एवं 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।

सीमित संसाधनों और सरकारी व्यवस्था की पुरानी छवि में सुधार लाते हुए मुनमुन भट्टाचार्य ने शिक्षा के क्षेत्र में इतिहास रचा है। उनके नवाचारों और अथक प्रयासों ने इस साधारण से सरकारी स्कूल को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शिक्षण संस्था के रूप में स्थापित कर दिया है।

धनबाद से विज्ञान भवन तक का सफर
धनबाद से विज्ञान भवन तक का सफर तय करने के लिए मुनमुन के नवाचारों ने मुख्य भूमिका निभाई। अंग्रेजी की शिक्षिका के रूप में कक्षा से निरंतर जुड़ाव रखते हुए बच्चों के मन से अंग्रेजी भाषा का भय समाप्त किया। बच्चों की भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाने के लिए इंग्लिश अराउंड मी जैसी अनूठी गतिविधि शुरू की गई है।

बच्चे अपने दैनिक जीवन और आसपास के माहौल की कहानियों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने, पढ़ने और अपनी बात बेझिझक रखने का अभ्यास करते हैं। रीडिंग बडी सिस्टम से वरिष्ठ बच्चे छोटे सहपाठियों के पठन-पाठन में मदद करते हैं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का समावेश किया।

स्मार्टफोन, शैक्षणिक वीडियो, दीक्षा पोर्टल और ई-कंटेंट का उपयोग कर बच्चों को सीखने के अतिरिक्त अवसर दिए गए। साउंड वाल, शब्द भंडार, बिग बुक, फ्लैश कार्ड, स्थानीय व अनुपयोगी सामग्रियों से तैयार खिलौनों के माध्यम से पढ़ाई को बोझिल होने से बचाया गया

गणित विषय को सरल और रुचिकर बनाने के लिए विद्यालय में सभी बच्चों के लिए वैदिक गणित और अबेकस की शिक्षा अनिवार्य की गई। बालिका सशक्तिकरण के लिए स्थानीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षकों के सहयोग से बालिकाओं के लिए नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं।

विद्यालय के शिक्षक नियमित गृह भ्रमण करते हैं, ताकि ड्रापआउट बच्चों की पहचान कर दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

मध्य विद्यालय बरमसिया पूरे जिले के स्कूलों के लिए उत्कृष्ट माडल है। नवाचार से बच्चों की संख्या बढ़ी है। बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है। राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना धनबाद के लिए गर्व की बात है। अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

अभिषेक झा, जिला शिक्षा पदाधिकारी धनबाद

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