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मतदाता सूची से नाम हटने पर ऐसे साबित करें नागरिकता, 200 मतदाताओं को सुनवाई का मौका

रांची
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रारंभिक सूची से नाम हटाए गए मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया गया है।नोटिस में नाम हटाए जाने की तिथि और स्थान का उल्लेख किया गया है। जिसके बाद लोग अंचल कार्यालय में उपस्थित हो रहे है।

मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर अंचल कार्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना है। जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन ने बताया कि जिन मतदाताओं के माता-पिता उपलब्ध नहीं हैं और जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में भी नहीं है, वे वंशावली के माध्यम से अपने माता पिता, के व रिश्तेदार की ट्रैकिंग, कर अपनी नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं।

सुनवाई के लिए 200 मतदाताओं को समय दिया गया
दूसरे राज्य से झारखंड में बसने वाले लोग पूर्व राज्य का स्थायी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। वर्तमान स्थायी निवासी प्रमाण पत्र सीओ के माध्यम से बनवाकर वंशावली के साथ जमा किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं की संख्या पिछले दिनों की तुलना में कम हुई है। गुरुवार को सुनवाई के लिए 200 मतदाताओं को समय दिया गया था, जिनमें 140 उपस्थित हुए।

तीन माह तक ऑनलाइन व्यवस्था की गई
इसके लिए जाति, आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तीन माह तक ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। जिससे ग्रामीण इलाकों के मतदाता अपना आय प्रमाण पत्र बना सकते हैं।

कार्मिक, प्रशासनिक विभाग की ओर से जिलों में इन प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण लंबित आवेदनों का दबाव बढ़ रहा था। इसे देखते हुए आवेदकों की सुविधा और समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए आफलाइन प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गयी है।

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