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छत्तीसगड़

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के 152 मामले, कोरोना के 2 केस मिले; मंत्री बोले- घबराएं नहीं

रायपुर.

प्रदेश में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा-ए एच1एन1) का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के 31 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 152 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 38 मरीज वर्तमान में सक्रिय हैं, जिनका उपचार चल रहा है।

रायपुर संक्रमण के मामले में सबसे आगे है। जिले में अब तक 66 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि आठ मरीज अभी सक्रिय हैं। रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में संक्रमण का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। दोनों जिलों में अब तक 17-17 मरीज मिल चुके हैं। दुर्ग में आठ और बिलासपुर में छह मरीज वर्तमान में सक्रिय हैं।

11 जिलों में एक भी मरीज नहीं
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बलरामपुर, बीजापुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव, कोरिया, मुंगेली, नारायणपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सुकमा में अब तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।

रायगढ़-कोरबा में भी सक्रिय मरीज
रायगढ़ में 10 मरीज मिले हैं, जिनमें तीन सक्रिय हैं। कोरबा में नौ में से चार और धमतरी में नौ में से एक मरीज का उपचार चल रहा है। इसके अलावा बस्तर और बेमेतरा में तीन-तीन तथा कांकेर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और सरगुजा में दो-दो मरीज मिले हैं। बालोद, बलौदाबाजार, महासमुंद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में एक-एक सक्रिय मरीज दर्ज हैं।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं। सर्दी, खांसी, तेज बुखार, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी होने पर जांच कराना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच, उपचार और आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पैनिक होने की जरूरत नहीं- स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कोरोना से निपटने के लिए पहले लगे डोज़ेस की वजह से शरीर में पर्याप्त इम्यून पॉवर बनी हुई है। जिला अस्पताल मेकाहारा में जांच की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू या कोरोना के लक्षण नजर आते ही किसी तरह की लापरवाही न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच और इलाज करवाएं।

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