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स्वस्थ-जगत

पुरुष और महिलाओं में डायबिटीज के खतरे अलग-अलग! रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बातें

नई दिल्ली

डायबिटीज का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है. इससे दिल, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है. अब एक बड़ी स्टडी में सामने आया है कि डायबिटीज से होने वाली दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं पुरुषों और महिलाओं में एक जैसी नहीं होतीं है. इस रिसर्च को PLOS मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। 

इस रिसर्च में यूके के 28,720 ऐसे मरीजों का हेल्थ रिकॉर्ड निकाला गया, जिनमें हाल ही में टाइप-2 डायबिटीज की पहचान हुई थी. मरीजों में समय के साथ डायबिटीज के कारण होने वाली दूसरी समस्याओं का भी आकलन किया गया. इसमें देखा गया है महिलाओं में क्या समस्याएं हो रही है और इनमें ऐसी कौन सी हैं जो पुरुषों से अलग हैं। 

डायबिटीज में महिलाओं को मेंटल हेल्थ की समस्याओं का ज्यादा खतरा 
स्टडी के अनुसार, डायबिटीज का जैसे ही पता चलता है उसके बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होने की आशंका अधिक होती है, जबकि पुरुषों में दिल और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है। 

शोधकर्ताओं ने कहा कि महिला और पुरुष इन स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव अलग-अलग तरह से करते हैं, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में लिंग और उम्र के आधार पर बीमारी के बढ़ने के तरीके के बारे में अभी तक कोई शोध नहीं किया गया है। 

महिलाओं और पुरुषों पर अलग-अलग प्रभाव 
बताते चलें कि ब्रिटेन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी एवं अन्य शोधकर्ताओं के अध्ययन का निष्कर्ष प्लोस मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसने साल 2010 से 2020 के बीच टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने वाले लगभग 28,720 पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया। रोग का पता चलने के बाद के वर्षों में प्रतिभागियों में से 39 प्रतिशत ने कम से कम एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य घटना का अनुभव किया, जिसमें पाया गया कि घटना की प्रगति और समय लिंग के अनुसार अलग-अलग थी। 

पुरुषों में हाई बीपी और किडनी की बीमारी का जोखिम 
इसके बाद शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि बीमारी का पता चलने के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होने की आशंका अधिक थी जो कि 5.3 प्रतिशत की तुलना में 8.1 प्रतिशत है और उनकी स्थिति ऐसी होती गई जिससे अंत में मौत हो गई। जबकि पुरुषों में हृदय रोग (5.3 प्रतिशत के मुकाबले 8.4 प्रतिशत), अंतिम चरण की गुर्दे की बीमारी और हाइपरटेंशन की उच्च दरें थीं। 

पुरुषों में दिल और किडनी पर ज्यादा असर

स्टडी के मुताबिक पुरुषों में डायबिटीज के साथ हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा था, खास बात यह रही कि पुरुषों में ये समस्याएं डायबिटीज होने के बाद कम उम्र में ही होने लगीं थी. डायबिटीज लंबे समय तक बढ़ी हुई शुगर के कारण नसों को नुकसान पहुंचा सकती है. शुगर लेवल बढ़ने से आंखों की समस्याएं भी हो सकती हैं। 

महिलाओं में चिंता और डिप्रेशन का खतरा
रिसर्च में पता चला कि महिलाओं में एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं अधिक देखने को मिलीं. जबकि पुरुषों में ये डायबिटीज से होने के बाद कम देखी गईं.  यह भी पाया गया कि डायबिटीज के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मौत का जोखिम बढ़ सकता है। 

डॉक्टरों के लिए भी जरूरी संकेत
शोधकर्ताओं का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों की निगरानी करते समय केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा. पुरुषों में दिल और किडनी की सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हो सकती है, जबकि महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग को भी इलाज का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। 

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