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मध्यप्रदेश

आजादी के बाद पहली बार 8 गुना बढ़ा खेल का बजट-मंत्री सारंग

मंत्री सारंग ने नई खेलो इंडिया योजना की दी जानकारी

आजादी के बाद पहली बार 8 गुना बढ़ा खेल का बजट
नई योजना से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी होंगे लाभान्वित
ज़मीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक होगा प्रतिभा विकास
मध्यप्रदेश में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये होंगे सार्थक प्रयास

भोपाल 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नई खेलो इंडिया योजना के लिये वर्ष 2026–27 से 2030–31 की अवधि के लिये ₹36,441 करोड़ राशि की मंज़ूरी प्रदान की है। इसको लेकर खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में योजना के संबंद्ध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। मंत्री सारंग कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना का लक्ष्य जमीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक खिलाड़ियों की पूरी विकास-श्रृंखला तैयार कर भारत को खेल महाशक्ति बनाना है। मंत्री सारंग ने कहा कि इस योजना के माध्यम से खेल को युवा विकास, राष्ट्र निर्माण तथा भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार खेल का बजट 8 गुना बढ़ा है। इस नई योजना के माध्यम से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये सार्थक प्रयास करेगा।

खेलो भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को किया गया एकीकृत

मंत्री सारंग ने बताया कि यह योजना खेलों को शिक्षा, फिटनेस, प्रौद्योगिकी एवं उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण के साथ एकीकृत करते हुए खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। मंत्री सारंग ने कहा कि स्कूलों से खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचान की जाएगी। इससे प्रारंभिक स्तर पर ही प्रतिभा विकास कर भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिये उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार किए जा सके।

ज़मीनी स्तर से लेकर ओलंपिक स्तर तक होगा प्रतिभा विकास

मंत्री सारंग ने बताया कि यह नई योजना प्रतिभा पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतिस्पर्द्धाओं, अंतर्राष्ट्रीय अनुभव तथा ओलंपिक तैयारियों को सम्मिलित करते हुए खिलाड़ियों के लिये एक संरचित विकास मार्ग तैयार करेगा। इसमें ज़मीनी स्तर की प्रतियोगिताओं से प्रारंभ होकर खेलो इंडिया कार्यक्रम तथा टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) तक प्रगति का प्रावधान शामिल है।

 खेल से जुड़ी सभी संस्थाओं में आएगी एकरुपता

मंत्री सारंग ने बताया कि इस नई योजना में देशव्यापी खेल पारिस्थितिकी तंत्र राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE), खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र (KISCE), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) प्रशिक्षण केंद्रों, मान्यता प्राप्त खेल अकादमियों, खेलो इंडिया केंद्रों तथा सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को सम्मिलित करते हुए विकसित किया जाएगा। इससे खेल से जुड़े सभी संस्थाओं में एकरुपता आएगी।

स्कूल एवं प्रतिभा विकास पहल

मंत्री सारंग ने बताया कि स्कूल टैलेंट सर्च का बहुत बड़ा आधार बने इसका लक्ष्य रखा गया है। नवीन खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय खेलों को शिक्षा प्रणाली के साथ एकीकृत करेंगे। वहीं इमरजिंग खेलो इंडिया एथलीट्स (E-KIAs) श्रेणी के माध्यम से संरचित एथलीट पूल का लगभग 10 गुना तक विस्तार किया जाएगा।

फिट इंडिया एवं नशामुक्त युवा कार्यक्रम का प्रावधान शामिल

मंत्री सारंग ने बताया कि फिट इंडिया मूवमेंट का विस्तार सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने, महिलाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने, सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक खेल सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। मादक द्रव्यों के सेवन के विरुद्ध खेल-आधारित पहलों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यह पैरा-एथलीटों, पारंपरिक खेलों तथा सामुदायिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

कोच, टेक्नोलॉजी एवं साझेदारी से खेल व्यवस्था होगी सुदृढ़

मंत्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय कोच मान्यता बोर्ड, कोचिंग योग्यताओं के मानकीकरण में सहायता करेगा। साथ ही एकीकृत डिजिटल खेल मंच तथा निजी खेल अकादमियों एवं कॉर्पोरेट संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से योजना निर्माण, शासन व्यवस्था, खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा एथलीट सहायता प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में तैयार होगी विशेष रणनीति 

मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खेल प्रतिभा और क्षमता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।

विकसित भारत 2047 का संकल्प होगा मजबूत

मंत्री सारंग ने बताया कि राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को बढ़ी हुई सहायता के माध्यम से कोचिंग, खेल उपकरण, खेल विज्ञान, विदेशी विशेषज्ञों की सेवाओं तथा अंतर्राष्ट्रीय अनुभव के लिये वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना वर्ष 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिये भारत की तैयारियों, ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों की मेज़बानी की आकांक्षाओं तथा विकसित भारत 2047 का संकल्प होगा मजबूत।

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