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मध्यप्रदेश

किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर जिले के बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से की बातचीत

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसान भाइयों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं। राज्य सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी का परिणाम है कि बलराम कृषि महोत्सव में आधुनिक तकनीकों की जानकारी के साथ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपनी व्यस्तताओं के बावजूद किसानों से संवाद अवश्य करते हैं। भले ही नई दिल्ली की व्यस्तता हो या प्रदेश के जिलों के अन्य प्रशासनिक दायित्व, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर जिले के बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से बातचीत की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही कृषकों को कृषि की आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण और शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस नई दिल्ली से शिवपुरी के किसानों से वर्चुअली चर्चा की। इससे पहले वे अशोकनगर, गुना ,विदिशा, रायसेन, भोपाल राजगढ़ सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, उज्जैन, खरगोन आदि स्थानों पर हुए बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअल सहभागिता कर चुके हैं। जनजातीय बाहुल्य अलीराजपुर के महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं व्यक्तिगत रूप से सम्मिलित हुए थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि किसान के समृद्ध और खुशहाल होने से ही संपूर्ण समाज अन्न और धन-धान्य से परिपूर्ण रहेगा। सीमा पर जवान और खेत में किसान की भूमिका समान है, दोनों ही देश के लिए समर्पित हैं। उनकी इस प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप ही राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता और सक्रियता से किसान हित में कार्य कर रही है। पूरा साल किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अशोक नगर के बलराम कृषि महोत्सव में कहा था कि किसान का अर्थ ही स्वावलंबन है, अपने बलबूतों पर अपने परिवार के साथ संपूर्ण समाज के पालन पोषण के लिए अन्न का कटोरा भरने का सार्मथ्य किसानों में ही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर किसानों की आय बढ़ाने, उनका जीवन स्तर उन्नत करने और उनके समग्र कल्याण के लिए आरंभ बलराम कृषि महोत्सव में जिला स्तर पर कृषि के उन्नत तकनीक के प्रदर्शन और विषय विशेषज्ञों से किसानों के सीधे संवाद की व्यवस्था की गई है। इन आयोजनों में किसानों को नवीन तकनीक और बाजार आधारित कृषि मॉडल की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को डिजिटल कृषि सेवा, मौसम आधारित खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, उन्नत कृषि यंत्रों और आधुनिक कृषि प्रबंधन प्रणालियों की जानकारी भी दी जा रही है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप खेती की नई पद्धतियों और जोखिम प्रबंधन के उपाय से भी अवगत करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को अपनी किसान आईडी बनाने के लिए भी निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। किसान आईडी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए डिजिटल कृषि मिशन का प्रमुख अंग है। आधार कार्ड के समान किसान आईडी किसानों के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है। यह आईडी भू-अभिलेख, पशुधन स्वामित्व ,बोई गई फसल और प्राप्त लाभ सहित विभिन्न किसान संबंधित डेटा से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रासायनिक दवाओं के अत्यधिक उपयोग से किसानों के स्वास्थ्य पर पड़ रहें असर के प्रति भी सर्तक हैं। मुख्यमंत्री किसानों को निरंतर प्राकृतिक खेती लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। यह मिट्टी, जल और पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए उत्पादन बढ़ाने का मार्ग है। प्राकृतिक खेती में मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है। कम सिंचाई में भी फसल अच्छी होती है। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल बचाने का बड़ा अभियान है। प्राकृतिक खेती, रासायनिक खेती की बढ़ती लागत से किसानों को राहत देती है। यह खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाती है। इससे रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है। उत्पादन लागत घटने से शुद्ध आय बढ़ती है। यह छोटे किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। प्राकृतिक खेती रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के घातक प्रभाव को कम करती है। विषमुक्त वातावरण में खेत और किसान दोनों सुरक्षित रहते हैं। स्वस्थ किसान ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करता है।

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