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खेल-जगत

मैकेंजी डर्न का बड़ा मुकाबला, रॉबर्टसन के खिलाफ बेल्ट बचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली
अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) 330 में महिला स्ट्रावेट चैंपियन मैकेंजी डर्न रविवार को कनाडा की जिलियन ‘द सैवेज’ रॉबर्टसन के विरुद्ध अपने खिताब की रक्षा करने उतरेंगी। दोनों ही फाइटर्स जिउ जित्सु में पारंगत हैं और ऐसे में इस मुकाबले में जमीन पर पकड़ बनाने की जंग देखने को मिल सकती है। डर्न का कहना है कि वह अपना खिताब (बेल्ट) बचाने के लिए सबकुछ झोंक देंगी। इस फाइट का प्रसारण भारत में सुबह 6:30 बजे सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।

डर्न के लिए चैंपियन बनने के बाद यह पहला खिताबी मुकाबला है। इसको लेकर उन्होंने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की। डर्न ने कहा कि चैंपियन बनने के बाद उन पर पहले जैसा दबाव नहीं है। अब बेल्ट मेरी है और कोई इसे मुझसे छीनने आ रहा है। इसलिए मैं इसे बचाने के लिए अपना सबकुछ दूंगी। रॉबर्टसन को यूएफसी की सबसे खतरनाक सबमिशन फाइटर्स में गिना जाता है। डर्न भी जिउ-जित्सु की विशेषज्ञ हैं और उन्होंने माना कि यह मुकाबला उनके लिए खास है। दोनों यह साबित करना चाहेंगी कि ग्राउंड गेम में कौन बेहतर है।

रॉबर्टसन पर दबाव बनाना चाहेंगी डर्न
हालांकि डर्न मुकाबले को केवल जमीन पर लड़ने के बारे में नहीं सोच रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी स्ट्राइकिंग में काफी सुधार हुआ है और वह खड़े होकर भी रॉबर्टसन पर दबाव बनाना चाहेंगी। उनका लक्ष्य मुकाबले के हर हिस्से में बेहतर प्रदर्शन करना है। डर्न ने कहा, मैं उसे स्ट्राइकिंग में हराना चाहती हूं, फिर जरूरत पड़ने पर टेकडाउन लेकर जमीन पर मुकाबला करना चाहती हूं और अंत में सबमिशन हासिल करना चाहती हूं।

उन्होंने इस मुकाबले के लिए कुश्ती, जिउ-जित्सु और अपनी फिटनेस पर खास काम किया है। पांच राउंड तक चलने वाले मुकाबले के लिए उनकी कोशिश शुरुआती दौर से ही दबाव बनाए रखने की होगी।

हार से डर्न को मिली है सीख
अपनी पिछली हार से मिली सीख पर डर्न ने कहा कि अब वह भावनाओं में बहकर जल्दबाजी नहीं करतीं। उन्होंने सीखा है कि मुकाबले में धैर्य रखना और सही समय पर हमला करना जरूरी है। रॉबर्टसन को लेकर डर्न ने कहा कि वह बेहद मजबूत और जुझारू फाइटर हैं। मुझे पता है कि वह आसानी से हार नहीं मानेंगी। यही वजह है कि यह मुकाबला काफी अच्छा होने वाला है।

 

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