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मध्यप्रदेश

ट्विशा केस में बड़ा अपडेट! CBI की फाइनल रिपोर्ट अटकी, 7 दिन बाद जेल से बाहर आ सकते हैं गिरिबाला सिंह और समर्थ

भोपल 

भोपाल का बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले में कोर्ट ने सीबीआई को 17 अगस्त को चार्जशीट पेश करने को कहा है। मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की CBI की मांग नहीं मानी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत सिर्फ 17 अगस्त तक ही बढ़ाई। मामले में सीबीआई की दिक्कत भी सामने आ गई है। ट्विशा पक्ष के वकील अंकुर पांडे के अनुसार CBI को फाइनल रिपोर्ट जमा करनी थी लेकिन आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका के लिए केस के कुुुछ रिकॉर्ड हाईकोर्ट भेज दिए गए। इस कारण CBI ने कोर्ट से चौदह दिन का और समय मांगा।

मॉडल और फिल्म अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई की जांच पूर्णता की कगार पर है। कोर्ट ने भी मामले में सख्ती दिखाते हुए CBI को अपनी जांच पूरी कर 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस रुख के बाद CBI पर दबाव बढ़ गया है। चार्जशीट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जमानत का लाभ मिल सकता है और वे जेल से बाहर आ सकते हैं।

ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ सिंह की 90 दिन की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक पूरी हो जाएगी। सीबीआई द्वारा चार्जशीट पेश नहीं होने पर उसे जमानत का लाभ मिल सकता है।

 जेल से बाहर आ सकते हैं गिरिबाला सिंह और समर्थ
 मॉडल और फिल्म अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को CBI कोर्ट ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की उसकी मांग नहीं मानी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत सिर्फ 17 अगस्त तक ही बढ़ाई। इसी के साथ CBI को अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट के इस रुख के बाद ट्विशा शर्मा केस में 17 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है। CBI पर दबाव बढ़ गया है। चार्जशीट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जमानत का लाभ मिल सकता है। दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं। खास तौर पर समर्थ सिंह की 90 दिन की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक पूरी हो जाएगी। चार्जशीट पेश नहीं होने पर उसे जमानत का लाभ मिल सकता है।

चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते 

ट्विशा शर्मा केस में केंद्रीय जांच एजेंसी पर अब दबाव खासा बढ़ गया है। कोर्ट ने उसे 17 अगस्त तक चार्जशीट हर हाल में अदालत में पेश करने को कहा है। मामले में दोनों आरोपियों की वैधानिक अवधि इसी माह खत्म होने वाली है. 90 दिनों की तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते हैं।

आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए में कोर्ट में पेश किया गया था। यहां अदालत ने सीबीआई पर सख्ती दिखाई। सुनवाई के दौरान CBI अधिकारियों ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया, आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा।

आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा
CBI कोर्ट का सख्त रुख जारी रहा। कोर्ट ने CBI को 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी कहा। कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं के अनुसार कोर्ट ने जांच एजेंसी के सामने तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का दबाव बढ़ा दिया है। 17 अगस्त को चार्जशीट पेश कर दिए जाने की स्थिति में जांच से जुड़े आरोप और साक्ष्य कोर्ट के समक्ष आ जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं होने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की जेल से बाहर आने की राह खुल जाएगी। समय सीमा में चार्जशीट पेश नहीं किया जाना आरोपियों के लिए डिफॉल्ट बेल का आधार बन सकता है। दोनों आरोपी वैधानिक जमानत की मांग करेंगे।

ट्विशा शर्मा केस में केंद्रीय जांच एजेंसी पर अब दबाव खासा बढ़ गया है। कोर्ट ने उसे 17 अगस्त तक चार्जशीट हर हाल में अदालत में पेश करने को कहा है। मामले में दोनों आरोपियों की वैधानिक अवधि इसी माह खत्म होने वाली है. 90 दिनों की तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत पा सकते हैं।

आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए में कोर्ट में पेश किया गया था। यहां अदालत ने सीबीआई पर सख्ती दिखाई। सुनवाई के दौरान CBI अधिकारियों ने आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया, आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा।

आरोपियों को केवल 17 अगस्त तक ही न्यायिक हिरासत में रखने को कहा
CBI कोर्ट का सख्त रुख जारी रहा। कोर्ट ने CBI को 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी कहा। कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं के अनुसार कोर्ट ने जांच एजेंसी के सामने तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का दबाव बढ़ा दिया है। 17 अगस्त को चार्जशीट पेश कर दिए जाने की स्थिति में जांच से जुड़े आरोप और साक्ष्य कोर्ट के समक्ष आ जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं होने पर आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की जेल से बाहर आने की राह खुल जाएगी। समय सीमा में चार्जशीट पेश नहीं किया जाना आरोपियों के लिए डिफॉल्ट बेल का आधार बन सकता है। दोनों आरोपी वैधानिक जमानत की मांग करेंगे।

12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
बता दें कि ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वे मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया था। वे माडलिंग भी करती थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा शर्मा की मौत हो गई जिसको लेकर मायके पक्ष और ससुराल पक्ष के बीच खासा विवाद हो गया। ट्विशा के मां पिता और भाई ने पति समर्थ सिंह व सास गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए। इधर ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की। CBI पूरे केस की जांच कर रही है।

बता दें कि ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वे मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया था। वे माडलिंग भी करती थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा शर्मा की मौत हो गई जिसको लेकर मायके पक्ष और ससुराल पक्ष के बीच खासा विवाद हो गया। ट्विशा के मां पिता और भाई ने पति समर्थ सिंह व सास गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए। इधर ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की। CBI पूरे केस की जांच कर रही है।

 

केस के रिकॉर्ड का कुछ हिस्सा हाईकोर्ट भेज दिया
कोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई अधिकारी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। इस बीच ट्विशा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने कहा है कि आरोपी गिरिबाला सिंह ने अपनी रेगुलर ज़मानत अर्ज़ी को ट्रायल कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसके चलते केस के रिकॉर्ड का कुछ हिस्सा हाईकोर्ट भेज दिया गया। CBI ने कोर्ट को यह वजह बताते हुए अगली सुनवाई में सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट जमा करने की बात कही।

17 तारीख को कोर्ट के सामने सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट पेश करेगी CBI
अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कहा, "पिछले आदेश में कहा गया था कि CBI को आज फाइनल रिपोर्ट जमा करनी थी। लेकिन इसी बीच आरोपी गिरिबाला सिंह ने अपनी रेगुलर ज़मानत अर्ज़ी को ट्रायल कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसके चलते केस के रिकॉर्ड का कुछ हिस्सा हाईकोर्ट भेज दिया गया। इसका हवाला देते हुए CBI ने कहा कि वे अगली सुनवाई में इकट्ठा किए गए सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट जमा करेंगे। CBI ने चौदह दिन का और समय मांगा था। हालांकि जांच की कानूनी समय-सीमा (90 दिन) 19 अगस्त को खत्म हो रही है इसलिए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने CBI को 17 तारीख तक हर हाल में फाइनल रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। CBI 17 तारीख को कोर्ट के सामने इकट्ठा किए गए सभी सबूतों के साथ फाइनल रिपोर्ट पेश करेगी। गिरिबाला सिंह की रेगुलर ज़मानत अर्ज़ी ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी और उन्होंने उस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।"

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