<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

विद्यालयों-महाविद्यालयों में नई इकाइयों के गठन, गोद ग्रामों के विस्तार और युवाओं को नशामुक्ति अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित कर उन्हें समाज एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। राष्ट्रीय सेवा योजना को विश्वविद्यालयों का अभिन्न अंग बनाते हुए इसकी गतिविधियों को अधिक व्यापक, प्रभावी और परिणाममूलक बनाया जाए। सभी इकाइयां सक्रिय एवं क्रियाशील हों तथा विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में दायित्व सौंपकर उनमें नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए। मंत्री  परमार सोमवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में राष्ट्रीय सेवा योजना की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री  परमार ने निर्देश दिए कि प्रदेश के जिन विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अभी राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयां नहीं हैं, वहां राज्य मद से नई इकाइयों के गठन के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों में भी राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयां प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक इकाई को पूरी तरह सक्रिय एवं क्रियाशील बनाने पर विशेष जोर दिया।

मंत्री  परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। विद्यार्थियों को केवल सहभागी के रूप में नहीं, बल्कि गतिविधियों की योजना, संचालन और क्रियान्वयन में दायित्व एवं नेतृत्व दिया जाए। इससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होगा। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के गोद ग्रामों की संख्या एवं गतिविधियों का विस्तार करने तथा सेवा कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं और जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश दिए।

युवाओं को नशामुक्ति एवं टी.बी. मुक्त अभियान से जोड़ें

मंत्री  परमार ने कहा कि जिला एवं तहसील मुख्यालयों के खेल मैदानों में प्रातःकाल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बड़ी संख्या में युवा आते हैं। इन युवाओं को नशामुक्ति एवं टी.बी. मुक्त अभियान से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएं। इस कार्य में खेल शिक्षकों की भूमिका का प्रभावी उपयोग करते हुए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जाए।

मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से बाल अधिकार एवं संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी कार्यों की सफलता की कहानियों का मुद्रित एवं डिजिटल रूप में प्रकाशन करने तथा सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने से स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन होगा और अधिकाधिक युवा जनसेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

अधिकाधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जोड़ें : अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  राजन

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयों का संख्यात्मक विस्तार महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्येक इकाई का सक्रिय एवं प्रभावी होना उससे भी अधिक आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के अधिकाधिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नई इकाइयां स्थापित करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।

 राजन ने माय भारत पोर्टल पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक विद्यार्थियों का अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य एवं जिला स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने तथा राज्य स्तर पर विभिन्न स्वस्थ प्रतियोगिताओं के आयोजन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

साहसिक एवं चिंतन शिविरों सहित विभिन्न गतिविधियों की कार्ययोजना

बैठक में आगामी सत्र के लिए स्वच्छता ही सेवा अभियान, नशामुक्ति एवं टी.बी. मुक्त युवा अभियान, ‘हर युवा संवाद-विकसित भारत’, बाल अधिकार एवं संरक्षण, एड्स जागरूकता एवं रेड रिबन क्लब की गतिविधियां, ‘एक पेड़ माँ के नाम’, महिला सशक्तिकरण तथा ‘ज्वाइन राष्ट्रीय सेवा योजना’ अभियान सहित विभिन्न गतिविधियों की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इसके साथ ही राज्य स्तरीय साहसिक शिविर, दमोह तथा चिंतन शिविर, पचमढ़ी, नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर एवं राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार सहित विभिन्न गतिविधियों एवं नवाचारों के आयोजन पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में पिछले वर्ष राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा संचालित जन-जागरूकता, समाजसेवा, बाल अधिकार एवं संरक्षण, स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा छात्र सहभागिता से जुड़ी गतिविधियों एवं उपलब्धियों की प्रस्तुति दी गई। आगामी सत्र की प्रस्तावित गतिविधियों एवं योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा, क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य अधिकारी  मनोज अग्निहोत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलगुरु एवं प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के कार्यक्रम समन्वयक तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button