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देश

12 असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार, अब DIG बने IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई की कहानी

जयपुर 
प्रतियोगी परीक्षाओं
की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए असफलता कई बार निराशा लेकर आती है। एक या दो बार असफल होने पर कई छात्र अपना रास्ता बदल लेते हैं या हिम्मत हार बैठते हैं। लेकिन राजस्थान कैडर में 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी देवेंद्र कुमार बिश्नोई की कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो बार-बार मिलने वाली असफलताएं भी आपके सामने घुटने टेक देती हैं।

स्टेट पीएससी परीक्षाओं में लगातार 12 बार इंटरव्यू तक पहुंचकर असफल होने के बावजूद देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने हार नहीं मानी। अपनी अटूट लगन और कड़ी मेहनत के दम पर वे पहले राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के लिए चुने गए और आगे चलकर आईपीएस (IPS) अफसर बने।

हरियाणा के हिसार से BSF और फिर सिविल सेवा तक का सफर
हरियाणा के हिसार जिले के रहने वाले देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करते ही सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था। साल 1989 में उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में अपनी सेवाएं देना शुरू किया। BSF में तैनात रहने के दौरान भी उनके भीतर प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा बनी रही और वे ड्यूटी के साथ-साथ राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहे।

12 बार इंटरव्यू में फेल
देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ अपनी असफलताओं का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि स्टेट पीसीएस परीक्षाओं में वे मेन्स पास करके 12 बार इंटरव्यू के चरण तक पहुंचे, लेकिन हर बार फाइनल मेरिट लिस्ट में उनका नाम नहीं आ पाता था।

बार-बार असफलता मिलने पर जब उनका मनोबल टूटने लगा, तो उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए अध्यात्म और ईश्वर की शरण का सहारा लिया। उन्होंने अपने भगवान से प्रार्थना की कि वे उनकी मेहनत में रही कमियों को दूर करने का रास्ता दिखाएं और खुद को पूरी तरह पढ़ाई के प्रति समर्पित कर दिया।

चयन का दिलचस्प इत्तेफाक
देवेंद्र कुमार बिश्नोई के राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) में चयन का एक बेहद अनोखा और दिलचस्प किस्सा भी है। उस समय परीक्षा में ओरिजिनल मार्क्स के साथ-साथ स्केलिंग मार्क्स की व्यवस्था लागू थी। जब रिजल्ट आया, तो इत्तेफाक से उनके ओरिजिनल नंबर भी 911 थे और स्केलिंग के बाद बने फाइनल अंक भी 911 ही रहे।

इसी सफलता के साथ वे राजस्थान पुलिस सेवा में डीएसपी बने। उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोशन मिली। वर्तमान में वे राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में डीआईजी (DIG) के पद पर तैनात हैं।

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