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कश्मीर के ऊंचे इलाकों में तैनात CRPF जवानों को मिलेंगे हिमसुरक्षा कपड़े

नई दिल्ली
 जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके मुश्किल पहाड़ी इलाकों और 6,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर बने टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस (TOB) में तैनात CRPF जवानों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 4.54 करोड़ रुपये से अधिक का फंड मंजूर किया है। इस विशेष बजट से लगभग 600 जवानों के लिए माइनस तापमान में काम आने वाले उपकरण और कपड़े खरीदे जाएंगे। इनमें DRDO द्वारा विकसित विशेष ‘हिमसुरक्षा’ कपड़े, स्नो बूट, स्लीपिंग बैग, टेंट, गॉगल्स, थर्मल इनसोल और रेस्क्यू बैग शामिल हैं

आतंकवाद को खत्म करने के लिए मिलेगी मदद
यह कदम अप्रैल 2025 में पहलगाम की बैसारन घाटी में पर्यटकों पर हुए भीषण आतंकी हमले के बाद उठाया गया है। हमले के बाद आतंकी अक्सर ऊंचे इलाकों की 'ढोक' (मिट्टी-पत्थर की झोपड़ियों) और गुफाओं में छिप जाते थे। आतंकियों के इन सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने और लंबी गश्त के दौरान जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए MHA ने जुलाई में इस खरीद प्रस्ताव को हरी झंडी दी, ताकि जवानों को कड़ाके की ठंड में अभियान चलाने में मदद मिले।

सीआरपीएफ ने कब बनाया था पहला TOB
आपको बता दें कि CRPF ने जुलाई 2025 में पहला TOB स्थापित किया था और वर्तमान में जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के पहाड़ी इलाकों में ऐसे 55 बेस काम कर रहे हैं। 15 से 25 हथियाबंद कमांडो की क्षमता वाले इन बेस का मुख्य उद्देश्य आतंकवादियों को मैदानी इलाकों में पहुंचने से पहले ही पकड़ना या ढेर करना है। इन जवानों को प्रशिक्षित कर वहां रुकने, छानबीन और तुरंत हमला करने के लिए तैयार किया जाता है।

पहलगाम हमले के आतंकियों को मारने में मिली थी सफलता
जुलाई 2025 में चलाए गए 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान इन्हीं TOB का इस्तेमाल करके पहलगाम हमले में शामिल तीन मुख्य आतंकवादियों को मार गिराया गया था। 2022-23 से लंबित इस TOB योजना को पहलगाम घटना के बाद तेजी से लागू किया गया, और अब नए उपकरणों के मिलने से दुर्गम बर्फीली चोटियों पर सुरक्षा बलों की पकड़ और मजबूत होगी।

 

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