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छत्तीसगड़

कम लागत में बेहतर उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण फसल से बढ़ा आर्थिक लाभ

रायपुर

शासन द्वारा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव अब सक्ति जिले के किसानों के खेतों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ नैनो यूरिया के उपयोग से किसान कम लागत में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 

नैनो यूरिया के उपयोग से फसलों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार    

सक्ती जिले के विकासखंड सक्ती के ग्राम भद्रीपाली के प्रगतिशील किसान  सम्मेलाल सिदार इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। वे लगभग 5 से 6 एकड़ कृषि भूमि में बैंगन, टमाटर सहित विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती करते हैं।  सम्मेलाल सिदार ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी फसल में नैनो यूरिया का उपयोग किया। इसके परिणामस्वरूप पौधों की बढ़वार बेहतर हुई, फसल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया और उत्पादन भी अच्छा प्राप्त हुआ। 

नैनो यूरिया से अधिक आर्थिक लाभ     

सम्मेलाल सिदार ने बताया कि नैनो यूरिया के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम हुआ, जिससे खेती की लागत में कमी आई और उन्हें अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शुरुआत में नैनो यूरिया के उपयोग को लेकर उनके मन में कुछ संदेह था, लेकिन फसल में मिले सकारात्मक परिणामों ने उनका विश्वास मजबूत कर दिया। अब वे अपने अनुभव गांव एवं आसपास के अन्य किसानों के साथ साझा कर उन्हें भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग नैनो यूरिया से प्रशस्त हुआ    

सम्मेलाल सिदार ने कहा कि बदलते समय के साथ किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है। नैनो यूरिया जैसी तकनीकों के उपयोग से खेती की लागत कम करने के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग से मिले सकारात्मक परिणामों के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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