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उत्तर प्रदेश

गंगा के रौद्र रूप से काशी बेहाल, घाट डूबे, श्रद्धालुओं की बढ़ी मुश्किलें

लखनऊ
यूपी के वाराणसी में गंगा में बढ़ाव जारी है। शनिवार रात दो सेंमी प्रति घंटे की गति से जलस्तर बढ़ रहा था। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान जलस्तर में 46 सेंमी वृद्धि हुई है। आयोग का अनुमान है कि रविवार से वृद्धि दर में कमी आ सकती है। वहीं, गंगा के कई घाटों का आपसी जुड़ाव जलस्तर बढ़ने से टूट गया है। दशाश्वमेध समेत प्रमुख घाटों की गंगा आरती स्थल जलमग्न हो गए हैं। आरती ऊंचाई वाले स्थानों पर हो रही है। विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया है।

मणिकर्णिका घाट पर नीचे के शवदाह स्थलों तक बाढ़ का पानी पहुंचने से शनिवार देर शाम घाट की छत पर शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर निचले शवदाह स्थल तक भी पानी पहुंचने से शवयात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। जीवनदायिनी गंगा का अब रौद्र रूप दिखने लगा है। जलस्तर बढ़ने से दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती का स्थल शनिवार को 15 फीट पीछे किया गया। हालांकि आस्थावानों ने पानी में खड़े होकर आरती देखी।

मीरघाट और ललिताघाट का ज्यादातर हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। शीतला घाट से अहिल्याबाई, वाराही से त्रिपुराभैरवी घाट जाने वाले मार्ग पर लोग पानी में होकर ही आवागमन कर रहे हैं। अभी दरभंगा से बबुआ घाट तक का रास्ता खुला है, लेकिन जलस्तर और बढ़ने पर यह मार्ग भी बंद हो सकता है। अस्सी एवं आसपास के घाटों पर पानी तेजी से चढ़ने से पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। देर शाम जुटे श्रद्धालुओं को नीचे न जाने की हिदायत दी जा रही थी।

नगवा नाला पर नहीं लगाया गया गेट
शहर के दक्षिणी-पूर्व हिस्से में गंगा किनारे बसी आबादी पर इस बार भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जलस्तर बढ़ने पर नगवा नाला से पानी घुसने से हरिजन बस्ती से सुंदरपुर बटुआपुरा तक के लोग परेशान होंगे। बीते साल नगवा नाला पर चैनल गेट लगाने का प्रस्ताव नगर निगम ने पास किया। निर्माण का जिम्मा सिंचाई विभाग को दे दिया गया। एक साल से अधिक समय बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।

बाढ़ पर सतर्क निगाह रखें अफसर
डीएम सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को गंगा एवं वरुणा के तटवर्ती तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मोटरबोट से निरीक्षण किया। बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

डीएम दोपहर में प्रशासन, एनडीआरएफ एवं पुलिस अधिकारियों के साथ नमो घाट पर नाव से निरीक्षण करने निकले। गंगा-वरुणा के संगम स्थल आदि केशव घाट से आगे बढ़ते हुए सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर पर निरंतर सतर्क निगाह रखी जाए।

नियमित समीक्षा करते हुए किसी भी खतरे से संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पूर्व से चिन्हित बाढ़ राहत शिविरों, पहुंच मार्गों, आवश्यक संसाधनों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा जाए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानन्द गुप्ता, तहसीलदार सदर आशीष कुमार सिंह, एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर विनीत कुमार आदि अधिकारी साथ रहे।

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