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राजनीति

महिला आरक्षण पर बढ़ा सियासी घमासान, राहुल गांधी के सवालों पर रिजिजू ने दिया जवाब

नई दिल्ली
महिला आरक्षण बिल को लेकर राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच सोशल मीडिया पर जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। राहुल गांधी के पलटवार के बाद अब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरने रिजिजू ने उन्हें नियम-कानून बताए हैं।

किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
राहुल गांधी को यह पता है कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 ( नारी शक्ति वंदन अधिनियम ) में लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

2. यह तब लागू होगा
    (a) जब परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो जाए।
    (b) 2023 के बाद प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर। इसका मतलब है 2026 के बाद प्रकाशित जनगणना के आंकड़े।

    3. साल 2026 के बाद जनगणना के आंकड़े जारी करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। हालांकि, इन्हें अंतिम रूप से जारी होने में काफी समय लग सकता है (जाति-आधारित जनगणना के कारण)। इसे देखते हुए, महिला आरक्षण लागू करने में काफी देरी हो सकती है, और कम से कम 2034 के आम चुनावों से पहले तो ऐसा नहीं हो पाएगा।
    4. इसलिए, 2029 में होने वाले अगले आम चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए, हाल ही में प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर जल्द से जल्द परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है।
    5. संविधान में संशोधनों के साथ लोकसभा में पेश किए गए परिसीमन विधेयक 2026 के तहत इसे लागू करने का तरीका प्रस्तावित किया गया है।
    6. हालांकि, इस मकसद से पेश किया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 गिर गया है।

राहुल गांधी ने कहा था?
संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते किरेन रिजिजू से बेहतर यह कौन जानता होगा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ। लेकिन सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं? 2023 का कानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।

राहुल गांधी की सोच में बदलाव
दरअसल, कांग्रेस के आधिकारिक अकाउंट से शेयर एक वीडियो को रिट्वीट करते हुए रिजिजू ने लिखा था कि कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है। महिलाओं के प्रति राहुल गांधी की सोच में स्पष्ट बदलाव दिख रहा है। अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।

यहां से हुई थी शुरुआत
बता दें कि कांग्रेस ने राहुल गांधी का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें राहुल गांधी ने कहा था कि भारत की महिलाओं की ऊर्जा दबी हुई है। उन्हें खुद को जाहिर करने या कल्पना करने की आजादी नहीं है। मेरे हिसाब से कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक वहां की महिलाएं खुद को जाहिर न कर पाएं। और मुझे लगता है कि मेरी राजनीति का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि इस देश में राजनीति कैसी होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि लोगों को यह समझाया जाए कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना हमारा देश अधूरा और पिछड़ा हुआ है।

 

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