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देश

भजनलाल सरकार ने मजदूरी नियमों को दी मंजूरी, श्रमिकों को मिलेंगे नए अधिकार

जयपुर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने 'मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026' (Code on Wages Rules, 2026) और 'राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026' (Rajasthan Industrial Relations Rules, 2026) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "प्रदेश के हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण की दिशा में आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026' को मंजूरी दी गई है। श्रमिकों के श्रम का सम्मान और उनका सर्वांगीण विकास ही 'आपणो अग्रणी राजस्थान' का संकल्प है।"

साल में दो बार रिवाइज होगा महंगाई भत्ता
संसदीय कार्य मंत्री और उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कैबिनेट फैसलों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नई मजदूरी संहिता के तहत अब न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए एक वैज्ञानिक फॉर्मूला और कौशल-आधारित वर्गीकरण अपनाया जाएगा।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि महंगाई भत्ते (DA) को सीधे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से जोड़ा जाएगा। कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई भत्ते में साल में दो बार (1 अप्रैल और 1 अक्टूबर) अनिवार्य रूप से संशोधन किया जाएगा, जिससे महंगाई के दौर में श्रमिकों की वास्तविक आय सुरक्षित रहे।

काम के घंटे तय: हफ्ते में 48 घंटे की सीमा और पेड वीकली ऑफ
नए नियमों के लागू होने के बाद अब काम के घंटों और शिफ्ट्स को लेकर पारदर्शिता आएगी:

साप्ताहिक सीमा: एक सप्ताह में अधिकतम 48 काम के घंटे (Working Hours) ही तय किए गए हैं।

दैनिक कार्य सीमा: 6 दिन के कार्य सप्ताह (Work Week) में विश्राम के समय को मिलाकर दैनिक अवधि 10.5 घंटे से अधिक नहीं होगी।

वीकली ऑफ: हफ्ते का सातवां दिन पूरी तरह से 'सवेतन साप्ताहिक अवकाश' (Paid Weekly Holiday) रहेगा।

अनिवार्य ब्रेक: लगातार 5 घंटे काम करने के बाद कर्मचारी को कम से कम 30 मिनट का विश्राम ब्रेक देना अनिवार्य होगा।

ओवरटाइम व नाइट शिफ्ट: साप्ताहिक अवकाश के दिन काम कराने पर निर्धारित दरों के अनुसार अतिरिक्त ओवर-टाइम भुगतान करना होगा। साथ ही नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने होंगे।

डिजिटल वेज स्लिप, विवादों का ऑनलाइन समाधान
सरकार ने श्रम प्रशासन को पूरी तरह आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों को अनिवार्य कर दिया है

डिजिटल रिकॉर्ड: अब नियोक्ताओं को कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से डिजिटल वेज स्लिप देनी होगी और हाजिरी व वेतन रजिस्टर भी ऑनलाइन डिजिटल फॉर्मेट में मेंटेन करने होंगे।

फास्ट-ट्रैक ऑनलाइन समाधान: 'राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026' के तहत श्रम अनुपालन और विवादों से जुड़ी शिकायतों का समाधान अब पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्धारित समय-सीमा में किया जाएगा।

गुप्त मतदान : कारखानों और प्रतिष्ठानों में बातचीत करने वाली ट्रेड यूनियनों का चुनाव अब पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी गुप्त मतदान प्रणाली से होगा।

 

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