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फ़िल्म जगत

फ्लॉप फिल्म ‘हम दोनों’ के अमर गीत, साहिर लुधियानवी ने रचा इतिहास

1961 में एक फिल्म आई थी ‘हम दोनों’। फिल्म में देव आनंद, नंदा और साधना लीड रोल में थे। ये फिल बॉक्स ऑफिस पर उतना कमाल नहीं दिखा पाई। लेकिन इसका एक गाना दुनियाभर में खूब मशहूर हो गया। इस गाने की वजह से आज भी फिल्म की पहचान बनी हुई है। ये गाना था 'अभी ना जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं है'। इस गाने को लिखने वाले गीतकार ने अपनी कलम से कई कजेला चीर देने वाले गीत लिखे।

फिल्म की कहानी
फिल्म हम दोनों की कहानी आनंद (देव आनंद) और मीता (साधना) की लव स्टोरी पर बेस्ड थी। फिल्म में आनंद एक गरीब और बेरोजगार जिसे अमीर मीता से प्यार हो जाता है। वो मीता के लायक बनने के लिए फौज में भर्ती हो जाता है। इस दौरान उसकी मुलालाक्त अपने हमशक्ल मेजर मनोहर से होती है। दोनों के बीच एक जैसी शक्ल होने की वजह से अच्छी दोस्ती हो जाती है, लेकिन फिर एक युद्ध में मेजर मनोहर वर्मा लापता हो जाता है। ऐसा समझ लिया जाता है कि मेजर युद्ध में शहीद हो गए हैं। बाद में आनंद को जिम्मेदारी दी जाती है कि वो मेजर के घर जाकर उनकी बूढी मां और बीमार पत्नी रूमा (नंदा) को ये जानकारी दें। जब आनंद घर जाता है तो उसे ही मेजर समझ लिया जाता है। हालांकि, अंत में मेजर अपने घर वापस लौटता है और कहानी का सुखद अंत होता है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म फ्लॉप साबित हुई। लेकिन गाने अमर हो गए।

फ्लॉप फिल्म के अमर हो गए गीत
फिल्म ‘हम दोनों’ में 6 गाने थे जो जबरदस्त हिट हुए। इस फिल्म का गाना 'अभी ना जाओ छोड़कर' तो जैसे आशा भोसले की आवाज में अमर हो गया। उनके साथ मोहम्मद रफी ने ये गाना गाया था जो हिंदी सिनेमा के म्यूजिक को और ज्यादा खास बनाता है। इस गाने को लिखने वाले साहिर लुधियानवी थे। और म्यूजिक बनाया था जयदेव ने।

साहिर लुधियानवी ने लिखे थे ये गीत
साहिर ने इस फिल्म के दूसरे गाने जैसे 'मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया', 'कभी खुद पे कभी हालात पर रोना आया', 'अल्लाह तेरो नाम', 'जहां में ऐसा कौन है', 'प्रभु तेरो नाम' अपनी कलम से लिखे थे। इस फिल्म को देव आनंद के भाई विजय आनंद ने डायरेक्ट किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। लेकिन गानों ने अलग जगह बनाई। इस फिल्म के खूबसूरत गानों की वजह से साहिर लुधियानवी को भी इंडस्ट्री में खूब काम मिला। उनके लिखे लगभग हर गाने ने ऑडियंस के दिल-ओ दिमाग पर अपनी छाप छोड़ी।

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