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उत्तर प्रदेश

भामाशाह भाव स्थिरता कोष के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित

लखनऊ

योगी सरकार ने अनुपूरक बजट 2026-27 में किसानों पर विशेष मेहरबान रही। लोककल्याण संकल्प पत्र-2022 में समृद्ध कृषि व्यवस्था के तहत 1000 करोड़ का भामाशाह भाव स्थिरता कोष बनाकर किसानों को आलू, टमाटर एवं प्याज जैसी फसलों का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करने का वादा किया था। अनुपूरक बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। अन्नदाता किसान की समृद्ध के लिए संकल्पित योगी सरकार किसानों से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की है। विधानसभा में मंगलवार को प्रस्तुत अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना, फलदार पौधों के रोपण, भामाशाह राव स्थिरता कोष, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर योजना, नंदबाबा मिशन, मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्र की खरीब, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 को लेकर मांगों के अनुरूप अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। 

खाद्य व रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये प्रस्तावित

योगी सरकार ने खाद्य व रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए 181 करोड़ व खाद्यान्न आपूर्ति व वितरण व्यवस्था के लिए 32.40 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके माध्यम से प्रदेश सरकार का उद्देश्य वंचित और निम्न तबके तक खाद्य आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा का वितरण सुनिश्चित करना है। 

भामाशाह भाव स्थिरता कोष के लिए 100 करोड़  

अनुपूरक बजट में उद्यान विभाग को 245.24 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। इसमें भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र आगरा के संपर्क मार्ग के लिए भूमि क्रय व निर्माण के लिए भी 9.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के लिए 14 करोड़ रुपये दिए गये। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये। सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। 

पशुधन और दुग्धशालाओं पर विशेष जोर 

इसी तरह, गोवंश संरक्षण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गये हैं। दुग्धशाला विकास विभाग के लिए 211.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के लिए 150 करोड़, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के लिए 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। दूसरी तरफ, पशुधन विभाग के लिए 78.62 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। गो आश्रय केंद्रों के स्वावलंबन योजना के लिए 31.25 करोड़ रुपये दिए गए। 

किसान कल्याण के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान

प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र प्रदर्शन और बीजवर्धन प्रक्षेत्र योजना के लिए 10 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना के तहत 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए। किसानों को रियायत दर पर वर्मी कम्पोस्ट/कम्पोस्ट/जैव उर्वरक को अनुदान पर उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक बजट में 50 करोड़ रुपये दिए गये। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए दो करोड़ रुपये जारी किए गए। केंद्र पुरोनिधानित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल शीड्स) योजना के लिए 19.32 लाख अतिरिक्त दिए गए। उर्वरक नियंत्रण आदेश, बीज एवं कीटनाशक अधिनियमों के अंतर्गत लिए गए नमूनों के विशेषण हेतु प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 18.44 लाख की अतिरिक्त व्यवस्था। सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अन्तर्गत विपणन तथा गुणवत्ता सुविधाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ दिए गए। खाद्यान्न दलहन तिलहन बीज की लागत और प्रासंगिक व्यय योजना हेतु स्पये 150 करोड़, कृषि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों/उपकरणों/साज-सज्जा के लिए भी सरकार ने बजट में धन आवंटित किया है। इसके लिए 9 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता के अनुरूप पैसा दिया गया है। मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्र की खरीद के लिए 10.40 करोड़ तथा उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर को पूंजी परिसंपत्तियों के सृजन के लिए सहायता हेतु 4.71 करोड़ रुपये आवंटित किए गये।

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