<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

Train Delay Reasons: मौसम ही नहीं, इन बड़े कारणों से घंटों लेट हो जाती हैं ट्रेनें

नई दिल्ली
जब भी सर्दी का मौसम आता है या फिर तेज बारिश होती है तो ट्रेन के लेट होने का सिलसिला शुरू हो जाता है. हाल में तेज बारिश की वजह से गुजरात, मुंबई से दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनें 17 घंटे तक लेट रहीं. इसके अलावा सर्दी में भी काफी ट्रेन कोहरे की वजह से लेट होती हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कोहरा और बारिश ही नहीं… ट्रेन लेट होने के 33 से ज्यादा कारण हैं, जिनमें अधिकतर कारण रेलवे के कंट्रोल में हैं. इन कारणों में कुछ तो ऐसे हैं, जिनकी वजह से आधे से ज्यादा बार ट्रेन लेट होती है, जिसमें मौसम नहीं है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ट्रेन सबसे ज्यादा किस वजह से लेट होती हैं… 

कुछ साल पहले रेलवे के प्रशिक्षण संस्थान IRITM की ओर से CAG की एक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ट्रेनों के लेट होने को एक लेकर रिपोर्ट पब्लिश की थी. इसमें बताया गया था कि ट्रेन लेट होने के आमतौर पर 33 कारण बताए जाते हैं, जिसमें खराब मौसम भी है. खराब मौसम की वजह से भी काफी ट्रेनें लेट हो जाती हैं, लेकिन इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें 27 रेलवे के नियंत्रण वाले कारण हैं और इनमें 27 में से 6 कारण ऐसे हैं, जो 65-66 फीसदी ट्रेन लेट होने के लिए जिम्मेदार है. ऐसे में कहा जा सकता है कि 6 कारणों की वजह से ज्यादातर ट्रेन लेट होती हैं। 

ये हैं ट्रेन लेट करवाने वाले 6 कारण

आउट ऑफ पाथ- जब किसी ट्रेन को तय समय या तय ट्रैक पर नहीं चलाया जा पाता और उसे दूसरी ट्रेनों को रास्ता देने के लिए रोकना पड़ता है या दूसरे ट्रैक पर भेजना पड़ता है, तो देरी हो जाती है। 

इंजीनियरिंग- ट्रैक, पुल, सिग्नल या अन्य रेल ढांचे की मरम्मत और रखरखाव के काम के कारण ट्रेनों की गति कम करनी पड़ती है या उन्हें कुछ समय रोकना पड़ता है।  

ट्रैफिक– किसी रूट पर ट्रेनों की संख्या बहुत अधिक होने या परिचालन दबाव की वजह से ट्रेनों को सिग्नल पर इंतजार करना पड़ता है। 

प्लान ब्लॉक- ट्रैक की मरम्मत या रखरखाव के लिए पहले से तय समय के लिए किसी रेल लाइन को बंद किया जाता है. इस दौरान गुजरने वाली ट्रेनों में देरी हो सकती है। 

जोन डिफरेंस- अगर कोई ट्रेन एक रेलवे जोन से दूसरे जोन में जाती है और पहले जोन से ही देर से पहुंचती है, तो अगला जोन भी उसी देरी के साथ ट्रेन को संचालित करता है। 

रीशेड्यूल- परिचालन कारणों, ट्रैफिक, रखरखाव या अन्य परिस्थितियों के कारण रेलवे ट्रेन का निर्धारित प्रस्थान समय बदल देता है, जिससे पूरी यात्रा का समय पीछे खिसक जाता है। 

बाकी किन कारणों से लेट होती है ट्रेन?
इनके अलावा खराब मौसम और चेन पुलिंग, असामाजिक तत्वों की गतिविधियां, आंदोलन, दुर्घटना, डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन में खराबी, कोच और वैगन में खराबी, ओवरहेड बिजली लाइन, ग्रिड फेल होने,  सिग्नल में दिक्कत, रनओवर, लेवल क्रॉसिंग की दिक्कत आदि की वजह से भी कई बार ट्रेन लेट होती हैं। 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button