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देश

एक ही गिरदावरी पर कई बार गेहूं बेचकर करोड़ों का फर्जीवाड़ा उजागर

श्रीगंगानगर
राजस्थान में किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए बनाई गई गेहूं खरीद व्यवस्था में बड़े फर्जीवाड़े के संकेत मिले है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि एक ही गिरदावरी के आधार पर अलग-अलग खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचकर एमएसपी और बोनस की राशि उठाई गई। नौ जिलों में 6,799 संदिग्ध पंजीकरण सामने आने के बाद 163.19 करोड़ रुपए के भुगतान की जांच शुरू हो गई है।

राजस्थान सरकार ने सभी जिलों से रिपोर्ट तलब करते हुए अनियमितता साबित होने पर किसानों, आढ़तियों, बिचौलियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है। विभाग को हनुमानगढ़, बूंदी, श्रीगंगानगर, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, डीग, कोटा, अलवर और भीलवाड़ा जिलों की आंतरिक जांच में संदिग्ध किसान पंजीकरण सामने आए है। इन मामलों में 59,666 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पर 154.243 करोड़ रुपए एमएसपी तथा 8.951 करोड़ रुपए बोनस सहित कुल 163.194 करोड़ रुपए के भुगतान हुआ है।

हनुमानगढ़ में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
मल्टीपल लैंड (एक से अधिक भूमि पंजीकरण) के संदिग्ध मामलों की जिला-वार सूची में हनुमानगढ़ पहले स्थान पर है। यहां 2,772 संदिग्ध पंजीकरण मिले है। यहां 28,107 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पर 76.874 करोड़ रुपए का भुगतान जांच के दायरे में है। बूंदी दूसरे स्थान पर है, जहां 1,322 पंजीकरणों के जरिए 10,011 मीट्रिक टन गेहूं खरीद पर 27.380 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ। श्रीगंगानगर तीसरे स्थान पर है, जहां 869 संदिग्ध पंजीकरणों के माध्यम से 6,290 मीट्रिक टन गेहूं खरीद पर 17.204 करोड़ रुपए के भुगतान की जांच चल रही है।

ऐसे खुला घोटाले का राज
गेहूं की एमएसपी खरीद में कथित फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा खुलासा हनुमानगढ़ से हुआ। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में 5,500 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच की गई, जिनमें 803 मामलों में एक ही भूमि और दस्तावेजों के आधार पर एक से अधिक बार गेहूं बेचने की पुष्टि हुई। एक मामले में 10.399 हेक्टेयर भूमि से अधिकतम 604 क्विंटल गेहूं का उत्पादन संभव था, लेकिन उसी भूमि के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग व्यक्तियों ने 2,104 क्विंटल गेहूं बेच दिया। उत्पादन क्षमता से करीब 1,500 क्विंटल अधिक गेहूं का विक्रय दर्ज किया गया। जांच में रावतसर की एक फर्म के माध्यम से फर्जी गिरदावरी तैयार कर 2,400 क्विंटल से अधिक गेहूं खरीदने का मामला भी सामने आया। वहीं हनुमानगढ़ जंक्शन और हनुमानगढ़ टाउन क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के संकेत मिले। इस संबंध में कृषि विपणन विभाग ने 43 फर्मों को नोटिस जारी किए हैं।

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