<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

पटना समेत 54 शहरों में विकास कार्य तेज, 968 करोड़ खर्च होंगे अब

पटना
पटना और गया समेत बिहार के 54 शहरों में विकास योजनाओं को हरी झंडी मिली है। योजना एवं विकास विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए इन शहरों के विकास पर 968 करोड़ खर्च करने की स्वीकृति दी है। विभाग के स्थानीय क्षेत्र विकास अभिकरण के तहत मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत इन योजनाओं का कार्यान्वयन किया जाएगा।

तत्काल इन शहरों के लिए 320 करोड़ आवंटित किया है। इसके साथ ही चयनित शहरों में बुनियादी सुविधाओं के विकसित होने का रास्ता साफ हो गया है। इस राशि से संबंधित शहरों के विधायक व विधान पार्षदों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के लिए अनुशंसित योजनाओं का कार्यान्वयन हो सकेगा। शहरों में छोटी सड़कें, नाले, फुटपाथ, पार्क, सामुदायिक भवन, गली-मोहल्ले की सड़कों, पेयजल योजना समेत बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का कार्यान्वयन किया जाएगा। इसके तहत अगले वर्ष मार्च तक योजनाओं को पूरा करना है। राज्य के विधायक और विधान पार्षद मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत सालाना 4 करोड़ रुपए की योजनाओं की अनुशंसा कर सकते हैं।

सड़क और पुल-पुलियों का निर्माण किया जाएगा
विभाग ने विकास योजनाओं और नागरिक सुविधाओं के तहत 45 विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें सड़क और गलियों की योजना में छोटी-मध्यम लंबाई की सड़कें, गलियों का पक्कीकरण, वार्ड व मोहल्ला स्तर की संपर्क सड़कों का निर्माण किया जाएगा। छोटे पुल और पुलियों का निर्माण होगा। जल निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनायी गयी है। पेयजल संबंधी कार्य के तहत हैंडपंप, नलकूप, छोटे स्तर के पेयजल स्रोत और पाइपलाइन से जुड़े स्थानीय कार्य भी कराए जाएंगे। सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय, छोटे पार्क, चबूतरे, स्ट्रीट लाइट से जुड़े स्थानीय कार्य भी कराए जाएंगे।

इन शहरों के लिए प्लान तैयार
पटना, दानापुर, बिहारशरीफ, हिलसा, आरा, जगदीशपुर, सासाराम, सीवान, विक्रमगंज, गया, शेरघाटी, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, महनार, मोतिहारी, पकड़ीदयाल, बेतिया, बगहा, सीतामढ़ी, पुपरी, भागलपुर, नवगछिया, मधुबनी, झंझारपुर, समस्तीपुर, रोसड़ा, दरभंगा, बेनीपुर, पूर्णिया, बनमनखी, कटिहार, बारसोई, बेगूसराय, बखरी, छपरा, सोनपुर, बक्सर, कैमूर, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, गोपालगंज, शिवहर, बांका, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मुंगेर, जमुई, खगड़िया, लखीसराय, शेखपुरा।

352 करोड़ से छह बाइपास का निर्माण होगा
दक्षिण बिहार से झारखंड को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 333 ए पर छह नये बाइपास बनेंगे। ये सभी बिहार के हिस्से में 351 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से बनाये जाएंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी निविदा जारी कर दी है। दो साल में इन सभी बाइपास के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। निविदा भरने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तय की गई है।

राष्ट्रीय राजमार्ग 333 ए शेखपुरा जिले के बरबीघा से शुरू होकर बांका जिला होते हुए झारखंड के पाकुड़ तक जाता है। इसके निर्माण से सड़क मार्ग से दक्षिण बिहार से झारखंड जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। इस राजमार्ग की बिहार में लंबाई 199 किलोमीटर है, जिसके बीच छह बाइपास बनेंगे। केंद्र ने जिन जगहों पर बाइपास के निर्माण के लिए निविदा जारी की है, उनमें मांगोबंदर, केंदुआ, टेलसोनो, झाझा, नरगंजों और भैरोगंज शामिल हैं। सभी जगहों को मिलाकर 22 किमी लंबा बाइपास बनेगा। यह सड़क दो लेन की होगी। निर्माण एजेंसी पांच सालों तक रखरखाव भी करेगी। बिहार में यह सड़क तीन जिले शेखपुरा, जमुई और बांका से गुजरती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button