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विदेश

Airplane Sunroof: फ्लाइट में मिलेगा खुला आसमान देखने का अनोखा अनुभव, लग्जरी फीचर ने खींचा ध्यान

वाशिंगटन

अमेरिका की जेटजीरो (JetZero) कंपनी एक ऐसा पैसेंजर प्लेन बना रही है जो दिखने में किसी हवाई जहाज जैसा नहीं, बल्कि समुद्र की मैंटा रे (Manta Rays) मछली जैसा चौड़ा और चपटा है. सबसे खास बात यह है कि इस पूरे विमान में एक भी पारंपरिक कांच वाली खिड़की नहीं होगी. इस वजह से यह प्लेन (Windowless Z4 Aircraft) आज के आम हवाई जहाजों के मुकाबले बहुत हल्का होगा और काफी ऊंचाई पर उड़ेगा. कंपनी का दावा है कि इससे 50% तक फ्यूल की बचत होगी, जिसका फायदा आम जनता के लिए सस्ती टिकट के जरिए मिल सकता है। 

अब आप सोच रहे होंगे कि अगर खिड़की नहीं होगी, तो अंदर बैठे यात्रियों को कैसा लगेगा? क्या उन्हें घुटन महसूस नहीं होगी? इसी बात का जवाब 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट में सामने आया है। 

दीवारों पर स्क्रीन, छत पर सनरूफ
रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेन के अंदर खिड़कियों की जगह दीवारों पर बड़ी-बड़ी डिजिटल स्क्रीन लगाई जाएंगी, जो बाहर का लाइव नजारा दिखाएंगी. इसके अलावा, केबिन के अंदर बंद-बंद सा महसूस न हो, इसके लिए प्लेन की छत पर एक स्काईलाइट (Like Fixes Sunroof) दी जाएगी. इससे सूरज की रोशनी सीधे अंदर आएगी और यात्रियों को ऐसा लगेगा जैसे वे किसी बंद डिब्बे में नहीं, बल्कि अपने घर के खुले ड्राइंग रूम में बैठे हैं। 

यह प्लेन आज के कमर्शियल जहाजों से करीब 10,000 फीट ज्यादा ऊंचाई पर उड़ेगा, जिसका मतलब है कि खराब मौसम में होने वाले टर्बुलेंस से भी यात्रियों को काफी हद तक राहत मिलेगी। 

चलने-फिरने की खुली जगह मिलेगी
रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्लेन का केबिन इतना चौड़ा है कि इसमें चलने-फिरने के लिए चार अलग-अलग गलियारे बनाए गए हैं. साथ ही टॉयलेट के बाहर यात्रियों के खड़े होने के लिए एक अलग से वेटिंग एरिया दिया गया है. इसकी सीटों को भी इस तरह डिजाइन किया गया है कि हर यात्री को अपनी एक अलग स्पेस मिलेगी और सिर के ऊपर सामान रखने के लिए भी सबका अपना पर्सनल केबिन होगा. पूरे रास्ते हाई-स्पीड स्टारलिंक वाई-फाई की सुविधा रहेगी, ताकि आप आराम से अपना काम या मनोरंजन कर सकें। 

हवा में कब उड़ान भरे ये प्लेन?
यूनाइटेड एयरलाइंस वेंचर के मैनेजिंग डायरेक्टर एंड्रयू चांग ने द सन से बातचीत में इसे मशहूर 'कॉनकॉर्ड' विमान के बाद का सबसे बड़ा बदलाव मान रहे हैं. यही वजह है कि अमेरिकी सरकार भी बोइंग जैसी बड़ी कंपनियों के सालों पुराने एकाधिकार को चुनौती देने के लिए इस नए स्टार्टअप के साथ खड़ी हो गई है। 

जेटजीरो को अपनी पहली फैक्ट्री लगाने के लिए अमेरिकी बैंक से 3 बिलियन डॉलर यानी करीब 28,617 करोड़ रुपये का लोन मिला है. डेल्टा और यूनाइटेड जैसी दुनिया की दिग्गज एयरलाइंस ने अभी से इस प्लेन को खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। 

गल्फ एयर के मार्टिन गॉस और जेटज़ीरो के टॉम ओ'लेरी ने 21 जुलाई को Z4 के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर साइन किए। 

हाल ही में हुए फर्नबरो इंटरनेशनल एयरशो में बहरीन की राष्ट्रीय विमान सेवा गल्फ एयर'(Gulf Air) ने भी जेटजीरो के साथ एक बड़ा समझौता (LOI) साइन कर लिया है. इसके तहत गल्फ एयर अपने बेड़े में ऐसे 24 विमान शामिल करने की योजना बना रही है, जो 2030 की शुरुआत से यूरोप और एशिया के रूट पर उड़ान भरेंगे। 

अगर सब कुछ तय प्लानिंग के हिसाब से चला, तो साल 2027 के अंत तक इसका पहला मॉडल टेस्टिंग के लिए उड़ान भरेगा और साल 2030 से 2032 के बीच यह आम यात्रियों के सफर के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। 

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