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देश

224 करोड़ के फ्लाईओवर से रांची में जाम से मिलेगी बड़ी राहत

रांची
राजधानीवासियों को नए साल में बड़ी सौगात मिलने वाली है। 224.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके शुरू होते ही कोकर, कांटाटोली और बहूबाजार की ओर से आने वाले वाहन बिना शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्से में उतरे सीधे मेकान, डोरंडा और एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। करीब एक वर्ष तक भूमि अधिग्रहण और अन्य बाधाओं के कारण प्रभावित रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।

पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता बिनोद कच्छप ने बताया कि परियोजना में सबसे बड़ी बाधा बने आर्मी के कुछ क्वार्टर और सिरमटोली सरना स्थल से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो गया है।

अब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और विभाग ने दिसंबर तक तक इसे पूरा करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।उम्मीद है कि नए साल में कनेक्टिंग फ्लाईओवर शहरवासियों के खोल दिया जाएगा।

यह 132.50 मीटर लंबा कनेक्टिंग फ्लाईओवर कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर को आपस में जोड़ेगा। इसके चालू होने के बाद कोकर, लालपुर और कांटाटोली से आने वाले वाहन सीधे मेकान, डोरंडा और एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे। इससे बहूबाजार, सुजाता चौक और सिरमटोली चौक पर जाम का दबाव काफी कम होगा।

डिजाइन में बदलाव, सिरमटोली सरना स्थल के पास नहीं बनेगा पिलर
सिरमटोली सरना स्थल की धार्मिक आस्था को देखते हुए फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव किया गया है। पहले यहां पिलर प्रस्तावित था, लेकिन अब उसकी जगह 55 मीटर लंबा कंपोजिट स्टील गार्डर लगाया जाएगा। यह गार्डर दोनों ओर बने पिलरों पर टिकेगा, जिससे सरना स्थल पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और निर्माण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा

डिजाइन में बदलाव से पहले आइआइटी मुंबई के विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण किया। उनकी अनुशंसा पर कंपोजिट स्टील गार्डर लगाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद संशोधित डिजाइन को मंजूरी मिली और अब उसी के अनुसार निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है।

परियोजना एक नजर में
    कुल लागत : 224.94 करोड़ रुपये
    कनेक्टिंग फ्लाईओवर की लंबाई : 132.50 मीटर
    सरना स्थल के ऊपर : 55 मीटर लंबा कंपोजिट स्टील गार्डर
    लक्ष्य : जनवरी 2027 तक निर्माण पूरा

 

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