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भजनलाल सरकार का नशे पर बड़ा वार, ड्रग नेटवर्क होगा तबाह

जयपुर
राजस्थान को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने और सीमावर्ती जिलों से लेकर शहरी इलाकों तक फैले मादक पदार्थों के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए भजनलाल शर्मा सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। जयपुर स्थित शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) की उच्चस्तरीय बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार की 'डिटेक्ट-डिसरप्ट-डेस्ट्रॉय' (Detect-Disrupt-Destroy) नीति को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई रणनीति के तहत राजस्थान के प्रत्येक जिले में मादक पदार्थों से जुड़े 10 प्रमुख मुकदमों की विशेष सूची तैयार की जाएगी और हर जिले से 5 सबसे कुख्यात ड्रग माफियाओं को चिन्हित कर उनकी संपत्तियों को जब्त करने व नेटवर्क को तबाह करने का बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी पुलिस थानों में एक ही दिन विशेष अभियान चलाकर अब तक जब्त किए गए करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थों को एक साथ नष्ट करने की योजना बनाई गई है।

क्या है 'डिटेक्ट-डिसरप्ट-डेस्ट्रॉय' नीति और कैसे करेगी काम?
ड्रग्स के अवैध कारोबार की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए भजनलाल सरकार ने त्रिस्तरीय रणनीति पर काम शुरू किया है।

डिटेक्ट (Detect): इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस की मदद से राज्य में नशे के प्रवेश मार्गों, अंतरराज्यीय तस्करों और स्थानीय सप्लायरों का सटीक डेटा तैयार कर उन्हें ट्रैक किया जाएगा।

डिसरप्ट (Disrupt): ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों, कोरियर बॉयज और मुख्य वित्तीय मददगारों पर कड़ा प्रहार कर उनकी सप्लाई चेन और मनी ट्रेल को बीच में ही तोड़ दिया जाएगा।

डेस्ट्रॉय (Destroy): तस्करों द्वारा नशे की कमाई से बनाई गई अवैध संपत्तियों को कानूनन सीज व कुर्क किया जाएगा और जब्त किए गए नशे के खेपों को पारदर्शी तरीके से नष्ट किया जाएगा।

तीन साल का रोडमैप, सख्ती से लागू हो नीति : गृह मंत्री
हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित 'एनसीओआरडी' (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक में नशीले पदार्थों के नियंत्रण पर 'विज़न डॉक्यूमेंट' लॉन्च किया गया। इस दौरान गृह मंत्री ने कहा था कि नशीली दवाओं के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन को हासिल करने के लिए यह एक व्यापक और समयबद्ध दिशा निर्देश है। यह दस्तावेज़ इस खतरे पर घातक प्रहार करने के लिए हमारे एंटी-नारकोटिक्स तंत्र के आधुनिक, खुफिया जानकारी आधारित, तकनीक-संचालित और नेटवर्क-केंद्रित दृष्टिकोण का लाभ उठाता है।

गृह मंत्री ने कहा, 'डिटेक्ट, डिसरप्ट और डेस्ट्रॉय' (खोजें, बाधित करें और नष्ट करें) के सिद्धांत पर तैयार की गई यह रणनीति अगले तीन वर्षों का रोडमैप तैयार करती है, ताकि हमारे युवाओं को ड्रग कार्टेल के चंगुल से बचाने के लिए एक अटूट सुरक्षा घेरा बनाया जा सके।'

ड्रग माफियाओं की संपत्ति होगी सीज
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) को मुख्य तौर पर तीन महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

टॉप 10 केस और 5 माफिया चिन्हित: प्रत्येक जिले के पुलिस कप्तान अपने इलाके के 10 सबसे बड़े ड्रग्स मुकदमों को शॉर्टलिस्ट करेंगे और उनमें शामिल 5 सबसे कुख्यात ड्रग तस्करों की सूची तैयार करेंगे।

मजबूत चार्जशीट से सजा: आदतन अपराधियों के खिलाफ ठोस साक्ष्यों के आधार पर ऐसी अभेद्य चार्जशीट तैयार की जाएगी जिससे अदालत में प्रभावी पैरवी हो सके और दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा मिल सके।

3 या अधिक केस वाले अपराधियों पर तुरंत एक्शन: जिन तस्करों के खिलाफ 3 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनके केसों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

सभी थानों में एक साथ चलेगा 'ड्रग्स निस्तारण अभियान'
राजस्थान पुलिस के इतिहास में पहली बार जब्ती की गई नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के निस्तारण को लेकर एक व्यापक राज्यव्यापी योजना बनाई गई है।

एक दिन, एक साथ निस्तारण: प्रदेश के सभी पुलिस थानों के मालखानों में वर्षों से जमा जब्त शुदा ड्रग्स को एक ही दिन विशेष अभियान चलाकर कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विनष्ट (Destroy) किया जाएगा।

जब्त वाहनों की होगी नीलामी: तस्करों से जब्त किए गए वाहनों और अन्य साधनों को कानूनी अड़चनों से मुक्त कराकर शीघ्र नीलाम किया जाएगा ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि हो और अपराधियों को कड़ा सबक मिले।

'राजस्थान विजन 2026-29': तीन विभागों का जॉइंट प्लान
बैठक में वर्ष 2026 से 2029 तक के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का खाका तैयार किया गया, जिसमें पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक सुधार पर भी जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा युवा मामलात विभाग मिलकर नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन, युवाओं के काउंसलिंग और जन-जागरूकता अभियानों का संचालन करेंगे।

बैठक में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के एसीएस भास्कर ए. सावंत, एसीएस कुलदीप रांका, एएनटीएफ के एडीजी विकास कुमार, एडीजी दिनेश एम.एन., केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के आईजी सहित तमाम विभागों के वरिष्ठ अफसर शामिल रहे।

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