<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
धर्म/ज्योतिष

शुक्र-राहु षडाष्टक योग से 4 राशियों पर बढ़ेगा संकट, बरतें सावधानी

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और उनकी युति या दृष्टि का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. 1 अगस्त को धन, वैभव, सौंदर्य और सुख-समृद्धि के कारक ग्रह शुक्र सिंह राशि की अपनी यात्रा समाप्त करके कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं.

कन्या राशि में शुक्र का यह गोचर बेहद खास और संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इस समय राहु ग्रह कुंभ राशि में विराजमान हैं. ऐसे में कन्या राशि के शुक्र और कुंभ राशि के राहु आपस में षडाष्टक योग का निर्माण करेंगे. वैदिक ज्योतिष में षडाष्टक योग को अत्यंत अशुभ और कष्टकारी योगों में गिना जाता है. इस योग के कारण कुछ राशि के जातकों को स्वास्थ्य, आर्थिक मामलों और रिश्तों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

क्या होता है षडाष्टक योग?
जब दो ग्रह एक-दूसरे से छठवें और आठवें भाव में स्थित होते हैं, तो इसे ज्योतिष में षडाष्टक योग कहा जाता है. छठवां भाव रोग, ऋण और शत्रु का प्रतीक है, जबकि आठवां भाव आयु, संकट, मानसिक तनाव और अचानक आने वाली बाधाओं को दर्शाता है. शुक्र और राहु, दोनों का यह संबंध भौतिक सुख-सुविधाओं में कमी, भ्रम, गलतफहमियों और अचानक धन हानि के योग बनाता है.

मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर और सेहत के लिहाज से थोड़ा कठिन रह सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकते हैं. फिजूलखर्च बढ़ने से बजट बिगड़ सकता है. प्रेम संबंधों में गलतफहमी से बचें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें.

सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि से निकलकर ही शुक्र कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं. इस योग के प्रभाव से सिंह राशि के जातकों के पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है. वाणी में उग्रता के कारण बने-बनाये काम बिगड़ सकते हैं. लेन-देन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें, अन्यथा आर्थिक नुकसान हो सकता है.

कन्या राशि (Virgo)
शुक्र आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं और राहु से षडाष्टक योग बना रहे हैं. इस दौरान मानसिक तनाव और अज्ञात भय बना रह सकता है. जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बिठाने में दिक्कत आ सकती है. सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें, विशेषकर खान-पान का ध्यान रखें.

कुंभ राशि (Aquarius)
राहु आपकी ही राशि में स्थित हैं. शुक्र का यह गोचर आपके खर्चों में अप्रत्याशित वृद्धि कर सकता है. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है. किसी भी तरह के अनैतिक या जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाएं, वरना भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

षडाष्टक योग के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
– शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं और ऊं शुं शुक्राय नमः मंत्र का जाप करें.

– शनिवार के दिन कुत्ते को रोटी खिलाएं और शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.

– जरूरतमंदों को चावल, दूध, सफेद वस्त्र या तिल का दान करना शुभ रहेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button