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मध्यप्रदेश

कौन है जो सच नहीं बोल रहा किसान सभा ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट करने के लिए कहा

भोपाल 
मूँग उत्पादक किसानों के शानदार आन्दोलन की कामयाबी के बाद जिलों के निर्धारण को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिए किसान सभा ने सरकार से स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है । सरकार को यह साफ़ करना चाहिए कि घोषित दरें और ख़रीद के लिए सिर्फ कुछ जिले ही तय नहीं किये गए हैं  ।  इस आशंका को दूर करने का सबसे प्रामाणिक तरीका यही होगा कि  पोर्टल खोला जाए ताकि   किसान देख सकें कि घोषणा वास्तविक है या झुनझुना भर है । 

मूँग खरीदने के सवाल पर केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच खेली जा रही फुटबॉल को  मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष अशोक तिवारी, महासचिव अखिलेश यादव, कार्यकारी अध्यक्ष रामजीत सिंह, सहायक महासचिव जगदीश पटेल ने मध्य प्रदेश के किसानों के साथ मजाक बताया है । इधर  मप्र के मुख्यमंत्री और उनके कृषि मंत्री दावा कर रहे हैं कि मूँग खरीदी न कर पाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय की गयी सीमा जिम्मेदार है । उधर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बयान जारी करके कह रहे हैं कि देशभर में कुल मूंग खरीद का 87% हिस्सा पहले मध्य प्रदेश को दिया गया है। जबकि 16 जुलाई तक सिर्फ 2% ही मूंग खरीदी हुई है। उनका दावा है कि मध्यप्रदेश अपने कोटे की खरीद को पूरा नहीं कर रहा है ।   केंद्र सरकार का दावा है कि 2025-26 के लिए, अनुमानित उत्पादन की अधिकतम सीमा 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग की खरीद मध्य प्रदेश राज्य हेतु मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है जबकि 16 जुलाई 2026 तक मध्य प्रदेश में 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की ही खरीद हो पाई है । 

यदि शिवराज सिंह चौहान का बयान गलत है तो मुख्यमंत्री मोहन यादव को उसका खंडन करना चाहिए, यदि उनका दावा सही है तो प्रदेश सरकार को किसानों से माफी मांगना चाहिए और मात्र 2% खरीद की शर्मनाक स्थिति के लिए जिम्मेदारी तय करनी चाहिए । 

एआईकेएस से संबंधित मध्य प्रदेश किसान सभा ने एकजुट होकर आन्दोलन करने और सरकार को अपनी मांग पूरी करने के लिए मजबूर कर देने के लिए आंदोलनकारी किसानों का अभिनंदन किया है । इस फैसले को अमल में लाने के लिए सभी इकाइयों से सजग हस्तक्षेप के लिए कहा है । किसान सभा ने मांग की है कि बिना किसी कोटे या सीमा के पूरी उत्पादित मूंग खरीदी जानी चाहिए और इसका भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य की दरों से किया जाना चाहिए । 

 

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