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10 साल की देरी से बढ़ी लागत, जयपुर जल परियोजना महंगी

जयपुर
 जयपुर शहर की बढ़ती आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए सूरजपुरा से बालावाला तक बिछाई जाने वाली 105 किलोमीटर लंबी नई पाइप लाइन को लेकर बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वर्ष 2015 में इस लाइन की लागत 1100 करोड़ रुपए आंकी गई थी, जबकि अब करीब 10 वर्ष बाद इसका खर्च बढ़कर 2500 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने का अनुमान है।

राजस्थान सरकार ने बजट में सूरजपुरा से बालावाला तक नई पाइप लाइन 1889 करोड़ रुपए की लागत से बिछाने की घोषणा की थी। हालांकि, हाल ही में विभाग की विकास परियोजनाओं के लिए जारी नई बीएसआर के आधार पर लागत का आकलन किया गया तो बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग और जलदाय विभाग के अधिकारियों के सामने खर्च 2500 करोड़ रुपए से अधिक बैठ रहा है। सूत्रों के अनुसार, लागत में इस बढ़ोतरी के बाद डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया भी धीमी पड़ गई है।

132 केवी ग्रिड पर ही 100 करोड़ से ज्यादा खर्च
पत्रिका ने बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों से नई पाइप लाइन की लागत को लेकर बात की तो सामने आया कि देरी का असर पूरे प्रोजेक्ट पर पड़ रहा है। केवल 132 केवी ग्रिड के निर्माण पर ही 100 करोड़ रुपए से अधिक खर्च आने का अनुमान है। इसके अलावा फिल्टर प्लांट, पंप और अन्य मशीनरी की लागत भी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। ऐसे में पूरी परियोजना का खर्च पहले के अनुमान से काफी अधिक हो गया है। मौजूदा पाइप लाइन 17 वर्ष पुरानी हो चुकी है। बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग ने इसमें 33 से अधिक लीकेज होने की रिपोर्ट भी तैयार कर रखी है।

देरी का खमियाजा विभाग और शहर के लोगों पर
नई पाइप लाइन बिछाने में हुई करीब 10 वर्ष की देरी का खमियाजा जलदाय विभाग और शहर के लोगों, दोनों को भुगतना पड़ रहा है। विभाग को बढ़ी हुई लागत का बोझ उठाना पड़ रहा है, जबकि शहरवासियों को बीसलपुर का पर्याप्त पानी समय पर नहीं मिल पा रहा। कई इलाकों की जलापूर्ति घटाकर दूसरे क्षेत्रों में पानी दिया जा रहा है। जबकि बीसलपुर बांध में पर्याप्त पानी उपलब्ध है, लेकिन शहर की वर्तमान जरूरत के अनुरूप पानी लाने के लिए आवश्यक पाइपलाइन व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

फैक्ट फाइल
-वर्ष 2009 में बिछाई गई थी मौजूदा पाइप लाइन
-सूरजपुरा से बालावाला तक पाइप लाइन बिछाने पर हुए थे 400 करोड़ रुपए खर्च
-वर्ष 2021 तक की शहर की आबादी की पेयजल जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई थी लाइन
-वर्ष 2026 तक बढ़ी आबादी का अतिरिक्त पांच वर्ष का भार भी मौजूदा पाइप लाइन पर
-वर्ष 2029 तक नई पाइप लाइन बिछाने का लक्ष्य

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