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मध्यप्रदेश

सावधान मध्य प्रदेश! 4 दिन तक मूसलाधार बारिश के आसार, शहडोल में बिजली गिरने से 3 की मौत, 5 घायल

भोपाल 

मध्य प्रदेश में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से अगले चार दिनों तक तेज बारिश और कई इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम और कई जगहों पर तेज बारिश होने का अनुमान है।

कई मौसम प्रणालियां बनीं भारी बारिश की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ, सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और डिप्रेशन के साथ जल्द सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ बारिश की गतिविधियों को और मजबूत करेगा। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 27 से 30 जुलाई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज बारिश हुई, जबकि सोमवार को 6 जिलों में हैवी रेन यानी भारी बारिश का अलर्ट है।

IMD भोपाल के मुताबिक, अगले 24 घंटे में उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अनुमान है। इस बीच शहडोल जिले में रविवार को तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 11 साल का बच्चा भी शामिल है। सभी घटनाएं खेतों और खुले स्थानों पर हुईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

शहडोल के जैतपुर थाना क्षेत्र में पहली घटना झींक बिजुरी चौकी के ग्राम झींक में हुई। यहां धान की रोपाई कर रहे लोगों पर आकाशीय बिजली गिरने से किशन (28) पत्नी राकेश गंभीर रूप से घायल हो गईं।

उन्हें झींक बिजुरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर नहीं मिलने पर जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर है।

प्रदेश में यह सिस्टम एक्टिव
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और डिप्रेशन भी एक्टिव है। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी) सक्रिय होगा। इस वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट है।

प्रदेश में 15% बारिश कम
मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में औसत 13.2 इंच (334.9 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 15.5 इंच (395.2 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 2.3 इंच यानी, 15 प्रतिशत बारिश कम हुई है। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13स प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

इटारसी में जल्द मेघ बरसाने के लिए भोलेनाथ से प्रार्थना
इटारसी में बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए प्राचीन तिलक सिंदूर मंदिर में रविवार को तिलक सिंदूर क्षेत्र में बम बाबा समिति ने भगवान भोलेनाथ का विशेष जलाभिषेक और अनूठा धार्मिक अनुष्ठान किया। अच्छी वर्षा, किसानों की समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की कामना के साथ शिवलिंग को पूरी तरह जल में डुबो दिया गया।

इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर रहेगा
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

सामान्य से अब भी कम है बारिश
मानसून सक्रिय होने के बावजूद प्र
देश में अब तक कुल बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। अभी तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस समय तक 15.5 इंच (395.2 मिमी) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।

कामना के साथ शिवलिंग को पूरी तरह जल में डुबो दिया गया।
श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान भोलेनाथ को जल में विराजमान करने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है। रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का आना शुरू हो गया था। भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की गई।

41 जिले अब भी बारिश के घाटे में
प्रदेश के केवल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि 41 जिले अभी भी वर्षा की कमी से जूझ रहे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, देवास, हरदा, नीमच, मंदसौर और कुछ अन्य जिलों में भी बारिश का प्रदर्शन बेहतर रहा है।

जुलाई का लक्ष्य अब भी अधूरा
मौसम विभाग का कहना है कि जून में मानसून कमजोर रहा था। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन बीच में कई दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से कुल वर्षा का आंकड़ा फिर सामान्य से नीचे चला गया। प्रदेश की सालाना सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है, जिसमें जुलाई का सबसे बड़ा योगदान रहता है। ऐसे में अगले चार दिनों तक होने वाली बारिश से मानसून के मौजूदा घाटे को काफी हद तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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