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छत्तीसगड़

ग्रामीण पशुपालकों की आय बढ़ाने और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने की पहल

रायपुर

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जशपुर जिले में पशु सखियों को वैज्ञानिक पशुपालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें ग्रामीण स्तर पर दक्ष सामुदायिक संसाधन व्यक्ति के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में 20 जुलाई को मनोरा विकासखंड मुख्यालय में एक दिवसीय वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में पशुपालन विभाग के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने पशु सखियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशुपालन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें इस योग्य बनाना है कि वे अपने-अपने गांवों में पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीकों से पशुपालन के लिए प्रेरित कर पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि में सहयोग कर सकें।

प्रशिक्षण के दौरान बकरी पालन और मुर्गी पालन को ग्रामीण आजीविका का प्रभावी माध्यम बताते हुए वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने पशुओं के नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, संतुलित आहार, हरे चारे का उत्पादन, स्वच्छ पशु आवास, नस्ल सुधार, गर्भित एवं नवजात पशुओं की देखभाल तथा रोगों की समय पर पहचान एवं रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। साथ ही पशुपालन आधारित उद्यमिता और व्यवसाय योजना तैयार करने की प्रक्रिया भी समझाई गई, ताकि सीमित संसाधनों के साथ भी ग्रामीण परिवार लाभकारी पशुपालन व्यवसाय विकसित कर सकें।

इस अवसर पर सभी पशु सखियों को वैज्ञानिक बकरी पालन प्रशिक्षण मार्गदर्शिका तथा वार्षिक पशुपालन कैलेंडर वितरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कैलेंडर वर्षभर किए जाने वाले आवश्यक पशुपालन कार्यों की उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराता है और पशुपालकों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा।

उल्लेखनीय है कि 17 अप्रैल 2026 को जशपुर में आयोजित राज्य स्तरीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा द्वारा इस मार्गदर्शिका का विमोचन किया गया था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे क्षमता विकास कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ गांवों में वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक पशुपालन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

जिले के सभी आठ विकासखंडों में प्रशिक्षण का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जुलाई को कुनकुरी, 23 जुलाई को दुलदुला, 24 जुलाई को बगीचा, 27 जुलाई को जशपुर, 28 जुलाई को कांसाबेल, 29 जुलाई को फरसाबहार तथा 30 जुलाई को पत्थलगांव विकासखंड में संबंधित जनपद पंचायत कार्यालयों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

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