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राजनीति

मॉनसून सत्र से पहले परिसीमन बिल पर सियासी घमासान हुआ तेज

नई दिल्ली
20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठके के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने परिसीमन बिल को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रस्तावित विधेयक का समर्थन नहीं कर रही है और मीडिया में दिखाई जा रही खबरें निराधार हैं.

जयराम रमेश ने चैनल पर दिखाई जा रही खबरों निराधार बताते हुए उन मीडिया हाउसों को आड़े हाथों लिया जो विपक्ष के रुख को लेकर गलत दावे कर रहे हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ' कुछ टीवी चैनल जान-बूझकर फैलाई गई- ये खबर दिखा रहे हैं कि कांग्रेस ने चल रही सर्वदलीय बैठक में परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) का समर्थन किया गया है. ये पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत खबर है.'

चर्चा है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार एक बार फिर महिला आरक्षण और लोकसभा और विधानसभा की सीटों को बढ़ाने वाला परिसीमन बिल को पेश कर सकती है, जिसे पास कराने के लिए दो-तिहाई की बहुमत जरूरत होगी. अप्रैल में संसद के विशेष संत्र के दौरान नंबर गेम न होने के चलते सरकार बिल पास नहीं करा सकी थी, लेकिन तीन महीने बाद सरकार परिसीमन बिल को फिर से पेश कर पास कराने की जुगत में है. सूत्रों का कहना है कि इस बार सरकार परिसीमन बिल में सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटों की बढ़ोतरी कर सकती है.

क्या है नंबर गेम
लोकसभा में नंबर गेम पर नजर टाले तो लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, जिनमें से फिलहाल 3 सीटें खाली हैं. इस लिहाज से संविधान में संसोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 360 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी. अप्रैल के विशेष सत्र में एनडीए को 298 सांसदों का सर्मथन मिला था, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 293 सांसदों का सर्मथन है. लेकिन अब टीएमसी के बागियों का एनसीपीआई में विलय, साथ ही कांग्रेस और डीएमके गठबंधन में दरार का फायदा सरकार उठाना चाहेगी. अगर इन सांसदों का समर्थन सरकार को मिलता है तो सदन में एनडीए की स्थिति पहले बहुत ज्यादा मजबूत हो जाएगी.

आंकड़ों की बात करें तो एनडीए के 293, एनसीपीईआ के 20 और डीएमके के 22 सांसदों को जोड़ें तो ये संख्या करीब 335 तक पहुंच सकती है.  

दूसरी ओर महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद शिवसेना (यूबीटी)  के छह सांसदों ने शिंदे की शिवसेना में विलय कर लिया है. साथ ही वाईएसआरसीपी और एक निर्दलीय सांसद का भी वक्त-वक्त पर एनडीए को सपोर्ट मिलता रहा है. ऐसे में ये संख्या बल 346 के करीब पहुंच जाता है. इसके अलावा महाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार की पार्टी के 8 सांसदों के भी सरकार को सपोर्ट करने की चर्चा है. ऐसे में ये संख्या 354 पहुंच सकती हैं और इसी स्थिति में एनडीए को सिर्फ छह सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी, जिसके लिए बीजेपी ने पिछले कुछ दिनों से अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है. हालांकि, सरकार द्वारा मॉनसून सत्र में परिसीमन बिल पेश किए जाने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है.

 

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