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उत्तर प्रदेश

कार्यकाल खत्म, अब यूपी के ब्लॉक प्रमुख संभालेंगे प्रशासक की जिम्मेदारी अगले चुनाव तक

लखनऊ
यूपी में ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल आज यानी 19 अप्रैल को खत्म हो रहा है। ऐसे में सभी ब्लॉक प्रमुखों की नजरें पंचायती राज विभाग पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ब्लॉक का प्रशासक बनाया जाएगा। पंचायती राज विभाग ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाने का आदेश कभी भी जारी कर सकता है। शासन स्तर पर इसकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

यूपी में कुल 826 ब्लॉक हैं और इन सभी के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ब्लॉक प्रमुखों की पहली बैठक 20 जुलाई 2021 को हुई थी। ऐसे में रविवार को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। पंचायती राज विभाग इससे पहले 26 मई को ग्राम पंचायत प्रधानों और 11 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें प्रशासक नियुक्त किए जाने का आदेश जारी कर दिया था।

जिला पंचायत अध्यक्ष, ग्राम प्रधानों के बाद अब निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक पद की जिम्मेदारी सशर्त सौंपी जाएगी। शर्त यह रहेगी कि वह भी सिर्फ सामान्य रूटीन कार्य ही प्रशासक के रूप में निपटाएंगे। किसी भी तरह का नीतिगत निर्णय अपने स्तर पर नहीं लेंगे। वह किसी भी नीतिगत मामले से संबंधित प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजेंगे। शासन स्तर पर ही अंतिम मुहर प्रस्ताव पर लगाई जाएगी। पंचायती राज विभाग की ओर से इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की जाएंगी। जिससे उन्हें यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से सामान्य रूटीन कार्य वह कर सकते हैं और कौन से नीतिगत कार्यों के लिए उन्हें जिलाधिकारी के माध्यम से शासन से अनुमति लेना आवश्यक है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने को लेकर मामला हाईकोर्ट में लंबित है। मामले में अभी सुनवाई चल रही है। वहीं दूसरी ओर समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ओबीसी आरक्षण को तय करने के जिलों का दौरा कर रहा है। फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव विधानसभा चुनावों के बाद ही कराए जा सकेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म होने के एक दिन पहले आया था आदेश

इसके पहले 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाने का निर्णय लिया गया था। 11 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म हो रहा था। ऐसे में ये निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ही अगला चुनाव होने तक प्रशासक के रूप में काम करेंगे। यह पहला मौका है जब जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में जिला पंचायत की कमान सौंपी गई है।

प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार की ओर से 10 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया था। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक के रूप में बागडोर सौंपी गई है। इससे पहले 26 मई ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें प्रशासक नियुक्त किया गया था। पंचायती राज विभाग की ओर से ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक बनाया जाना तय माना जा रहा है।

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