<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
छत्तीसगड़

पीएसवाय राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान, प्रतिभाओं को मिला मंच

पीएसवाय राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से बचें, मानव बुद्धि ही सर्वाेच्च है: राज्यपाल डेका

रायपुर, 
 राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अपना बचपन याद आ जाता है। आज जीवनशैली पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके समय में सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई होती थी, तथा मेहनत और लगन ही सफलता का आधार थी। आज इंटरनेट और   कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस युग में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को अपनी मौलिक सोच और अध्ययन की आदत को बनाए रखना चाहिए। 
राज्यपाल डेका ने आज रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक तथा निधि वितरण 2026 के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि छात्र जीवन की मित्रता सबसे निर्मल और अमूल्य होती है, जिसे जीवनभर संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की लत से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह हानिकारक है। मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक अध्ययन और उपयोगी कार्यों तक सीमित होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में गूगल और एआई उपयोगी साधन हैं, लेकिन वे मानव बुद्धि का विकल्प नहीं बन सकते। जीवन में गूगल इफेक्ट नहीं होना चाहिए। सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।

राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की प्रतिभा और रुचि को पहचानें तथा उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि हर बच्चा आईआईटी या मेडिकल के क्षेत्र में ही जाए, यह आवश्यक नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में विद्यार्थियों की विविध प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए अनेक नए पाठ्यक्रम और विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। आज प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और नवाचार के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपने बड़े रखें। व्यक्ति किस पृष्ठभूमि से आता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी मेहनत, लगन और संकल्प ही उसका भविष्य तय करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल सफल व्यक्ति ही खुश हो, यह आवश्यक नहीं है, बल्कि संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रहता है। परिवार, पड़ोसियों और मित्रों के साथ सौहार्द एवं शांति से जीवन जीना ही सच्ची सफलता है।

राज्यपाल ने कहा कि आज यहां सम्मानित होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की उपलब्धि केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उसके माता-पिता के त्याग और गुरुजनों के मार्गदर्शन का भी परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरों से न करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में विशिष्ट होता है। उसे अंधी प्रतिस्पर्धा में धकेलने के बजाय उसकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए। जब बच्चा अपनी पसंद के क्षेत्र में कार्य करता है, तभी उसकी उत्कृष्ट प्रतिभा निखरकर सामने आती है।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे चलकर आत्मनिर्भर भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि, विधायक तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। प्रत्येक विद्यार्थी का एक स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए और उस लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। शिक्षा पर जितना अधिक ध्यान दिया जाएगा, भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।

विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में पीएसवाय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संघ के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। अंत में मुख्य योजना समन्वयक पीएसवाय श्रीमती शुभ्रा शुक्ला मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।

समारोह में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश बर्मन, पीएसवाय के पदाधिकारी, प्रदेश के सभी संभागों से आए जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, सम्मानित विद्यार्थी, उनके अभिभावक उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button