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उत्तर प्रदेश

वाराणसी को मिलेगा 43 किमी लंबा वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर, शहरी यातायात को मिलेगी नई रफ्तार

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर: वाराणसी को मिलेगी 43 किमी लंबी नई शहरी यातायात व्यवस्था

₹10,998.32 करोड़ की लागत से 43.218 किमी लंबे वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर का होगा निर्माण

हवाई अड्डे तक का सफर होगा कई गुना तेज़, बचेगा काफी समय

वाराणसी,
भाजपा की डबल इंजन की सरकार काशी की यातायात व्यवस्था के जरिये पूर्वांचल की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ी परियोजना को धरातल पर उतारने जा रही  है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है, जो 43.218 किलोमीटर लंबा होगा और जिसकी लागत लगभग ₹10,998.32 करोड़ संभावित है। यह परियोजना छावनी, वाराणसी जंक्शन, फुलवरिया और चौकाघाट जैसे शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रो में यातायात को सुगम बनाने के लिए सहायक होगी। 

वरुणा नदी के आसपास का इलाका रोज़मर्रा जीवन की धुरी माना जाता है, लेकिन संकरी सड़कें, पैदल यात्रियों, ई-रिक्शा, कारों और भारी माल वाहनों का मिश्रित यातायात, और नदी पर बने पुलों की सीमित क्षमता,  यातायात की गति को धीमी कर देती है। वरुणा कॉरिडोर अब इसी जाम से निजात दिलाएगा ।

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को दो हिस्सों में बांटा गया है । पैकेज-I में मार्ग 28.498 किमी लम्बा होगा,  एनएच-31 से फुलवरिया जंक्शन तक। इसमें 11.744 किमी का 6-लेन मुख्य कैरिजवे और 16.754 किमी के फ्लाईओवर, रैंप, लूप व सर्विस रोड शामिल हैं। पैकेज-2 में 14.720 किमी लम्बा मार्ग होगा। फुलवरिया जंक्शन से काशी रेलवे स्टेशन तक। इसमें 7.676 किमी का 4/6-लेन मुख्य कैरिजवे और 7.044 किमी के रैंप शामिल होंगे। परियोजना में 15.78 किमी ग्रीनफील्ड और 3.64 किमी ब्राउनफील्ड एलाइनमेंट का मिश्रण होगा। इससे एलिवेटेड वायाडक्ट यानी ज़मीन से ऊपर बने इस रास्ते की मदद से नीचे की सड़कों की भीड़भाड़ और अव्यवस्था से पूरी तरह बचा जा सकेगा।

एयरपोर्ट के सफर का समय होगा कम
वाराणसी के निवासियों और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने की रही है। नया कॉरिडोर बनाने से  रेलवे स्टेशन से हवाई अड्डे  तक पहुंचने का  समय को 60 मिनट से घटाकर सिर्फ 20 मिनट हो जायेगा । हर यात्रा में लगभग 40 मिनट की यह बचत हवाई यात्रा करने वालों, कारोबारियों और विदेशी सैलानियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी।

स्थानीय भीड़भाड़ और जाम से मिलेगी मुक्ति
यह कॉरिडोर सिर्फ बाहरी राजमार्ग यातायात के लिए नहीं, बल्कि वाराणसी के स्थानीय निवासियों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, चौकाघाट, फुलवरिया और वाराणसी जंक्शन/छावनी जैसे सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीधे यातायात उतारने के लिए विशेष लूप और रैंप बनाए जाएंगे। वर्षों से जाम का पर्याय बन चुके छावनी क्षेत्र को भी 4/6-लेन एलिवेटेड हाईवे मिलने से हज़ारों वाहन ऊपर चले जाएंगे। 

2044 को ध्यान में रखकर तैयार डिज़ाइन
यह परियोजना केवल तात्कालिक समाधान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक शहरी योजना का हिस्सा है। यातायात अध्ययनों के अनुसार, वर्ष 2044 तक वरुणा कॉरिडोर पर यातायात भार प्रतिदिन 59,000 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) को पार कर जाएगा। इसी अनुमान को देखते हुए सरकार आज ही 4 से 6 लेन की एलिवेटेड संरचना तैयार कर रही है, ताकि अगली पीढ़ी को एक तेज़, सुगम सुविधा और जाम मुक्त वाराणसी विरासत में मिले।

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