<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

दिल्ली में अवैध निर्माण पर सख्ती, DDA ने लागू किया नया SoP

नई दिल्ली
सरकारी और DDA की जमीन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ ऐक्शन और तेज होगा। अवैध कब्जे का पता चलने के अधिकतम 72 घंटे के अंदर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी होगी। DDA ने फ्लाइंग स्क्वॉड और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) लागू किया है।

    DDA ने अलग-अलग जोन में 14 फ्लाइंग स्क्वॉड टीम बनाई है। ये नियमित फील्ड निरीक्षण करेंगी।
    सरकारी और DDA की जमीनों पर किसी भी तरह के अवैध निर्माण या अतिक्रमण की शुरुआती स्तर पर पहचान करेंगी।
    टीमों को जियो-टैग्ड फोटो, तारीख और समय के साथ सबूत जुटाने होंगे, ताकि कार्रवाई में देरी न हो।
    DDA का कहना है कि नई व्यवस्था का मकसद केवल अवैध निर्माण हटाना नहीं, बल्कि सरकारी जमीनों को दोबारा कब्जे से बचाना भी है।
    इसके लिए ध्वस्तीकरण के बाद संबंधित फील्ड अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    जरूरत पड़ने पर ड्रोन सर्वे किए जाएंगे और लैंड मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ फील्ड निरीक्षण को जोड़ा जाएगा।

चार टीम को दी गई जिम्मेदारी
नई SoP के तहत 4 क्विक रिस्पॉन्स टीम को जिम्मेदारी दी गई है। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण हटाएंगी। ध्वस्तीकरण के बाद उसी दिन पहले और बाद की तस्वीरों के साथ रिपोर्ट जमा करनी होगी। जरूरत पड़ने पर पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

निजी जमीन पर भी होगा एक्शन
यह भी साफ किया गया है कि डिवेलपमेंट एरिया में निजी जमीन पर चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भूमि प्रबंधन, इंजीनियरिंग और हॉर्टिकल्चर विभागों की जिम्मेदारियां तय कर विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया है।
टीना

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button