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देश

बाबा नगरी देवघर एयरपोर्ट से देश-विदेश की कनेक्टिविटी हुई मजबूत

 देवघर
 देवघर एक आध्यात्मिक नगरी है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ की नगरी में प्रतिदिन हजारों तीर्थयात्री आते हैं। श्रावणी मेला में एक महीना के दौरान 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री देश के विभिन्न प्रांत से आते हैं। अब तो विदेश से भी शिवभक्तों का आना हो रहा है।

खासकर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद लंदन से आने वालों की तादाद बढ़ी है। देवघर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद देश की चारों दिशाएं एयर कनेक्टिविटी से झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले देवघर को जोड़ दिया है। आपको कहीं भी जाना हो। देश की राजधानी दिल्ली, मायानगरी मुंबई, रोजगार की राजधानी बेंगलुरू।

अब तो चार अगस्त से गुवाहाटी की विमान सेवा ने पूर्वोतर को भी जोड़ दिया है। सबसे बड़ी बात यह कि लंदन के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा पहले केवल दिल्ली से थी अब तो मुंबई, बेंगलुरू से भी मिल रही है।

देवघर एयरपोर्ट का शुभारंभ 12 जुलाई 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। रविवार को चार साल पूरा हो रहा है। और इस चार साल में 10.27 लाख यात्रियों ने सफर किया है। पिछले वित्तीय वर्ष तक की बात करें तो देवघर एयरपोर्ट से तकरीबन छह करोड़ रुपया का राजस्व आया है।

पहला साल देवघर-कोलकाता, देवघर-दिल्ली की सेवा शुरू हुई। उड़ान के तहत पटना और रांची की सेवा। पहले साल में दो लाख से कम यात्रियों ने सफर किया। दूसरे साल 2023-24 में लगभग सवा दो ढाई लाख। तीसरे साल 2024-25 में तीन लाख से थोड़ा कम और इस साल 2024-25 में चार लाख यात्रियों ने सफर किया है।

दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी
एयरपोर्ट के दो साल होने से पहले यानी 2024 आते आते नाइट लैंडिंग की सुविधा मिल गयी। इंजीनियर पेशा वाले युवा वर्ग और उनके स्वजन लंबे समय से बेंगलुरू की फ्लाइट की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनको विमान शुरू होने से ज्यादा खुशी हुई। एक जून 2024 को देवघर से बेंगलुरू की फ्लाइट शुरू हुई।

दक्षिण भारत की विमान सेवा का कनेक्टिंग फ्लाइट मिल गया। विदेश जाने के लिए भी सीधी विमान सेवा की यहां सुविधा है। मालद्वीप, बाली, थाईलैंड के फुकेट, पोर्ट ब्लेयर जा सकते हैं। पहले साल देवघर से विदेश का कनेक्टिंग फ्लाइट वाया दिल्ली था।

बेंगलुरू जाने वाले कोलकाता जाते थे और वहां से यह सुविधा ले रहे थे। अब देवघर से ही यह सुविधा मिलने लगी। देवघर एयरपोर्ट से दिल्ली के बाद यह दूसरी कामर्शियल सर्विस शुरू हुई।

संताल परगना और अंग प्रदेश के हजारों बच्चे बेंगलुरू में इंजीनियरिंग की नौकरी करते हैं। उनको अपने घर आने में सुविधा मिली। इसके बाद मुंबई की विमान सेवा सप्ताह में तीन की मिली। इसने देवघर को सीधा मायानगरी से जोड़ दिया।

संताल परगना के छह जिला के अलावा धनबाद, गिरिडीह, बिहार का भागलपुर, बांका, जमुई के लोग भी देवघर एयरपोर्ट से अपनी यात्रा कर रहे हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने की तमन्ना रखने वाले को तो सहूलियत हुई। उससे भी अधिक सुविधा जैन तीर्थ का केंद्र पारसनाथ आने वाले को हो गई।

विमान की संख्या जैसे जैसे बढ़ी, देवघर का अर्थतंत्र भी हुआ मजबूत
12 जुलाई 2022 – 12 जुलाई 2023
उड़ान मार्ग     • देवघर – कोलकाता
• देवघर – दिल्ली

2023 – 2024
उड़ान मार्ग     • देवघर – दिल्ली
• देवघर – कोलकाता
• देवघर – बेंगलुरू

12 जुलाई 2024 – 12 जुलाई 2025
उड़ान मार्ग     • देवघर – दिल्ली
• देवघर – बेंगलुरू
• देवघर – मुंबई

2025 – 2026
उड़ान मार्ग     • देवघर – दिल्ली (सुबह)
• दिल्ली – देवघर (शाम)
• देवघर – बेंगलुरू
• देवघर – मुंबई

सुविधाओं में होता जा रहा इजाफा
प्रारंभ में सीमित उड़ान संपर्क एवं वीएफआर संचालन वाले देवघर एयरपोर्ट पर डीवीओआर, कैट-वन आईएलएस, कैट-वन एप्रोच लाइटिंग सिस्टम तथा रात्रिकालीन उड़ान सुविधा उपलब्ध है। न्यूनतम लैंडिंग दृश्यता 550 मीटर तक कम हो गई है। टर्मिनल की पीक आवर यात्री क्षमता भी 300 से बढ़कर 540 हो गई है।

वर्तमान में देवघर हवाई अड्डा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता एवं बेंगलुरु से जुड़ा हुआ है। यात्री संख्या में लगभग 72 प्रतिशत तथा विमान आवागमन में लगभग 70 फीसद की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। एयरपोर्ट का विस्तार होगा। जिसके लिए 450 करोड़ रुपया स्वीकृत हो चुका है।

देवघर से गुवाहाटी, हैदराबाद और सूरत की विमान सेवा शुरू होगी। मुंबई और कोलकाता के लिए अब प्रतिदिन फ्लाइट हो जाएगी। चार अगस्त से देवघर-गुवाहाटी के लिए बुकिंग शुरू हो गयी है।

एयरपोर्ट के विकास में सांसद का प्रयास
देवघर एयरपोर्ट के सतत विकास को लेकर सांसद डॉ. निशिकांत दुबे प्रयासरत रहते हैं। फ्लाइट की सुविधा बढ़ाने और यात्रियों की सुविधा को लेकर लगातार प्रयास करते हैं। यही कारण है कि यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने की कई योजना स्वीकृत हो गयी है।

योजना के मुताबिक इसे 2030-31 तक पूरा होना है। इसमें आठ हजार वर्गमीटर का नया प्रस्थान टर्मिनल, दो एयरोब्रिज युक्त विमान पार्किंग बे तथा विस्तारित कार पार्किंग के विकास की योजना बनाई गई है।

इसके पूरा होने पर पीक आवर यात्री क्षमता 540 से बढ़कर 1,200 तथा वार्षिक क्षमता 0.6 मिलियन से बढ़कर 1.75 मिलियन यात्रियों तक पहुंच जाएगी। सांसद के प्रयास से ही चार अगस्त से देवघर-गुवाहाटी की विमान सेवा शुरू हो रही है। जल्द ही हैदराबाद और सूरत के लिए एयर बस शुरू होगा। दिल्ली और बेंगलुरू की फ्लाइट रेगुलर हो रही है।

 

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