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देश

हेमंत सरकार का बड़ा कदम, झारखंड में आएगा भारी औद्योगिक निवेश

रांची
नई दिल्ली में दो दिन तक चले नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के अंतिम दिन गुरुवार को झारखंड में आद्यौगिक विकास को गति देने के लिए 14 एमओयू हुए। इसके तहत राज्य में 99639 करोड़ का निवेश होगा। समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह एमओयू सिर्फ कागजी समझौते नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां हैं। सीएम ने कहा कि आयोजन में टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों ने लगभग 70,000 रोजगार सृजन की दिशा में लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) भी सौंपा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में सीआईआई से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा व ऊर्जा अवसंरचना में साझेदारी पर विमर्श हुआ। फिक्की के साथ पर्यटन तथा टेक्सटाइल सेक्टर को गति देने पर चर्चा हुई। हीरो साइकिल और एवन से साइकिल उद्योग पर बात हुई। कोका कोला व ईज माई ट्रिप के साथ भी निवेश पर विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों के सामने झारखंड के विकास का विजन रखा। साथ ही सभी अतिथियों का आभार जताते हुए ‘जोहार’ के साथ संबोधन का समापन किया।

ये समझौते नहीं, भविष्य की उपलब्धियां : हेमंत
समापन सत्र में मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि यह एमओयू सिर्फ कागजी समझौते (एग्रीमेंट) नहीं, राज्य के उज्ज्वल भविष्य की उपलब्धियां (अचीवमेंट) हैं। ये नीतियां नहीं, झारखंड के विकास की नई संभावनाएं (पॉसिबिलिटी) हैं। विभिन्न उद्योग संगठनों और अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधियों से झारखंड में निवेश, रोजगार, औद्योगिक विकास के नए अवसरों पर चर्चा हुई। पारंपरिक रूप से झारखंड की पहचान खनिज संपदा (माइंस) से रही है, पर वक्त आ गया है कि राज्य बौद्धिक क्षमता और तकनीकी नवाचार (माइंड) के बल पर आगे बढ़े। राज्य को रिसर्च, इनोवेशन व नए आइडियाज का केंद्र बनाना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार अब 'लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप' पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सीएम ने अधिकारियों को योजनाएं तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।

राज्य बनेगा नवाचार का केंद्र, नए अवसर पैदा होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य को पूरे देश का नवाचार का बड़ा केंद्र बनाना है। इसके लिए सरकार हर स्तर पर निरंतर काम कर रही है। राज्य के सभी विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। नई तकनीक, एआई और नवाचार के जरिए राज्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। नए एमओयू से राज्य में नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और नए अवसर भी पैदा होंगे।

आदिवासियों का आरक्षण 50% करने पर विचार करें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक नीतियों में आदिवासी समूह के लिए जो 25% आरक्षण का प्रावधान है, विभाग उसे फिर से देखने और तैयार कर कि इसे 50% कैसे किया जाए।

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