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धर्म/ज्योतिष

रोटी बनाते समय रखें ये वास्तु नियम, घर में आएगी सुख-समृद्धि

 हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है, क्योंकि यहां साक्षात माता अन्नपूर्णा का वास होता है. रसोई में बनने वाले भोजन का सीधा संबंध हमारी सेहत और आर्थिक स्थिति से होता है. अक्सर अनजाने में हम रोटी बनाते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. जिससे घर में कंगाली व दरिद्रता का वास होने लगता है. आइए जानते हैं रोटी बनाते समय किन विशेष नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

भूलकर भी इस आटे का न करें प्रयोग
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग समय बचाने के लिए रात में ही आटा गूंथकर फ्रिज में रख देते हैं और सुबह उसी की रोटियां बनाते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करना घोर अशुभ माना गया है. दरअसल, गूंथा हुआ आटा जब काफी देर तक रखा रहता है, तो वह पिंड का रूप ले लेता है. ऐसे आटे पर राहु-केतु और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है.

बीमारियों को न्योता
बासी आटे की रोटी खाने से घर के सदस्यों में मानसिक तनाव, आलस्य और बीमारियां पनपती हैं. जिस घर में नियमित रूप से बासी आटे का प्रयोग होता है, वहाँ से माता लक्ष्मी रूठकर चली जाती हैं. इसलिए हमेशा ताजा आटा गूंथकर ही रोटी बनाएं.

पहली रोटी किसके लिए निकालें?
रसोई में जब भी तवा गर्म हो, तो बनने वाली सबसे पहली रोटी कभी भी घर के किसी सदस्य को खाने के लिए नहीं देनी चाहिए. बल्कि शास्त्रों के अनुसार, पहली रोटी हमेशा गौ माता के लिए निकालनी चाहिए. इस रोटी पर थोड़ा सा घी और गुड़ या चीनी रखकर गाय को खिलाएं. दरअसल, मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है. पहली रोटी गाय को खिलाने से पितृ दोष शांत होता है, कुंडली के ग्रह दोष दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

आखिरी रोटी का नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जैसे पहली रोटी का महत्व है, वैसे ही तवे पर बनने वाली आखिरी रोटी का भी विशेष नियम है. आखिरी रोटी हमेशा काले कुत्ते या किसी भी अन्य कुत्ते के लिए निकालनी चाहिए. कुत्ते को आखिरी रोटी खिलाने से शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं और घर पर आने वाले संकट टल जाते हैं.

इन कामों से नाराज होती हैं माता लक्ष्मी
तवे पर सीधे पानी छिड़कना- गर्म तवे पर सीधे पानी की बूंदें कभी नहीं छिड़कनी चाहिए. इससे आने वाली छन-छन की आवाज को वास्तु में बेहद अशुभ माना गया है. मान्यता है कि यह ध्वनि घर में किसी बीमारी या शोक का संकेत लाती है. तवे को ठंडा करने के लिए उसे सामान्य रूप से छोड़ दें.

चूल्हे पर खाली तवा छोड़ना- रोटी सेकने के बाद तवे को कभी भी खाली गैस या चूल्हे पर नहीं छोड़ना चाहिए. काम खत्म होते ही तवे को चूल्हे से उतारकर नीचे रख दें.

गंदे या उल्टे तवे का प्रयोग- कुछ लोग सुबह का इस्तेमाल किया हुआ तवा बिना धोए शाम को भी उसी पर रोटी बना लेते हैं. यह सीधे तौर पर राहु दोष को बढ़ाता है. तवे को हमेशा चमकाकर साफ रखें, लेकिन ध्यान रहे कि उसे कभी भी नुकीली चीज से खुरचें नहीं. साथ ही, तवे को कभी भी उल्टा करके नहीं रखना चाहिए, इससे घर में अचानक धन हानि होती है.

रोटियों की गिनती करना- घर के सदस्यों के लिए रोटी बनाते समय कभी भी रोटियां गिनकर नहीं बनानी चाहिए. ऐसा करने से भोजन का सम्मान कम होता है और घर की बरकत चली जाती है.

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