<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

Delhi School Fees: प्राइवेट स्कूलों ने बढ़ाई फीस तो होगी कार्रवाई, रेखा गुप्ता सरकार का नया निर्देश

नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली में निजी स्कूलों के मनमाने रवैये और फीस बढ़ोतरी को लेकर मिल रही शिकायतों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाया है। अब निजी स्कूलों की ओर से फीस बढ़ोतरी की जानकारी शिक्षा निदेशालय को देना अनिवार्य कर दिया गया है।

शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को एक सर्कुलर जारी कर सभी मान्यता प्राप्त और बिना सरकारी सहायता वाले निजी स्कूलों के लिए सूचना साझा करने वाले प्रारूप में बदलाव किया है। स्कूलों को नए प्रारूप में फीस बढ़ोतरी समेत अन्य जानकारियां निदेशालय को देनी होंगी। इनकी जांच निदेशालय कराएगा।

शिक्षकों के पद और योग्यता के बारे में बताना होगा
निदेशालय ने नए फॉर्मेट में स्कूल के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ से जुड़ी जानकारियां भी मांगी हैं। इसमें स्कूल में मंजूर कुल पद और वर्तमान में भरे हुए पदों की संख्या के साथ शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता के बारे में भी बताना होगा। स्कूल में छात्र और शिक्षक अनुपात और कक्षा और श्रेणी के हिसाब से छात्रों के दाखिले का पूरा विवरण भी देना होगा।

ये सूचनाएं देना अनिवार्य
स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के तहत होने वाले दाखिलों और कुल नामांकन की सूचना देनी होगी।

ट्यूशन फीस के साथ अन्य सभी शुल्क, फीस बढ़ोतरी और वित्तीय खातों का पूरा ब्यौरा देना होगा।

स्कूल के इन्फ्रास्ट्रक्चर और अन्य सरकारी आदेशों के पालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

18 मानकों पर बताना होगा, क्यों फीस बढ़ाना वाजिब
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पिछले दिनों कहा था कि निजी स्कूलों को अब किसी भी प्रस्तावित शुल्क वृद्धि को 18 निर्धारित मानकों के आधार पर उचित ठहराना होगा और अभिभावकों को संतुष्ट करना होगा कि शुल्क बढ़ोतरी वाजिब है। मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 15 जुलाई तक दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 के तहत स्कूल स्तर पर शुल्क विनियमन समिति (एसएलएफआरसी) का गठन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अनुपालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा था कि फीस में बदलाव चाहने वाले स्कूलों को अपना प्रस्ताव समिति के सामने रखना होगा और नियमों के तहत निर्धारित 18 मानकों के आधार पर प्रस्तावित वृद्धि को उचित ठहराना होगा। मंत्री ने कहा, ''इन मानकों में बुनियादी ढांचे का विकास, परिवहन सुविधाएं, स्कूल भवन, सुरक्षा उपाय, प्रकाश व्यवस्था, कर्मचारियों की भर्ती और अन्य संस्थागत आवश्यकताओं पर होने वाला खर्च शामिल है। स्कूलों को यह दिखाना होगा कि प्रस्तावित शुल्क वृद्धि वास्तविक सुधारों से जुड़ी है और उसके समर्थन में उनके पास वित्तीय रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।'

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button